
फर्जी डिग्री घोटाला: मोनाड विश्वविद्यालय पर ED की बड़ी कार्रवाई, 15 ठिकानों पर छापेमारी
43 लाख रुपए की नकदी और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद
लखनऊ। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फर्जी डिग्री घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में कुल 15 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।

एसटीएफ की कार्रवाई के आधार पर शुरू हुई थी जांच
ईडी की यह जांच उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा की गई कार्रवाई के आधार पर शुरू की गई। एसटीएफ ने 18 मई 2025 को हापुड़ स्थित मोनाड विश्वविद्यालय में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज बरामद किए थे। इनमें मार्कशीट, डिग्री, प्रोविजनल और माइग्रेशन सर्टिफिकेट शामिल थे, जिन्हें कथित रूप से विश्वविद्यालय के नाम से जारी किया गया था।
हजारों फर्जी डिग्रियों का खुलासा
जांच में सामने आया कि विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों ने हजारों फर्जी दस्तावेज तैयार कर छात्रों को बेचने का अवैध कारोबार खड़ा किया था। इन दस्तावेजों के माध्यम से कई लोगों ने सरकारी और निजी नौकरियों में प्रवेश पाया, जिससे पूरे शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं।
ईडी की छापेमारी में बरामद हुई नकदी और डिजिटल सबूत
ईडी की टीमों ने छापेमारी के दौरान 43 लाख रुपए नकद, कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शामिल लोगों की तलाश जारी
ईडी सूत्रों के मुताबिक, इस फर्जी डिग्री घोटाले में विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े कई अधिकारियों, एजेंटों और बिचौलियों की भूमिका सामने आई है। एजेंसी अब फर्जी डिग्री बेचने की चेन और धन के प्रवाह का पता लगाने में जुटी है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



