
Korba में फ्लेरामैक्स फ्रॉड की जांच अब सेंट्रल एजेंसी करेगी
कोरबा। जिले में चर्चित फ्लेरामैक्स कंपनी फ्रॉड मामले की जांच अब केंद्रीय एजेंसी करेगी। इस घोटाले में लगभग 40 हजार महिलाओं के नाम से फर्जी लोन निकालने और निवेश के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है।
महिलाओं के नाम पर फर्जी लोन
प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि कंपनी ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं का डाटा इकट्ठा कर उनके नाम से लोन निकलवाए। कई महिलाओं को इस बात की जानकारी तक नहीं थी कि उनके नाम पर बैंक से लोन लिया गया है।

निवेश के बहाने ठगी
फ्लेरामैक्स कंपनी ने लोगों को निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया। कंपनी के एजेंटों ने महिलाओं को योजनाओं में निवेश करने के लिए प्रेरित किया और उनके नाम पर बैंक से राशि निकालकर कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर दी।
राज्य से बाहर के लिंक भी
सूत्रों के अनुसार, इस घोटाले के तार छत्तीसगढ़ के बाहर के कई राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी कारण राज्य सरकार ने अब मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का निर्णय लिया है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।

पीड़ित महिलाएं पहुंचीं प्रशासन के पास
घोटाले के खुलासे के बाद सैकड़ों महिलाएं अपने दस्तावेज लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराने पहुंची हैं। उन्होंने मांग की है कि उनके नाम पर लिए गए लोन को तुरंत रद्द किया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
कार्रवाई की तैयारी
जांच एजेंसियों ने कंपनी के दस्तावेज, बैंक ट्रांजेक्शन और संबंधित खातों की जांच शुरू कर दी है। जल्द ही इसमें शामिल एजेंटों और कंपनी संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा सकती है।
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