
रायपुर में अवैध बांग्लादेशी दंपत्ति पकड़े गए: फर्जी पासपोर्ट और मार्कशीट जब्त, 16 साल से छुपकर रह रहे थे
रायपुर,13 जून 2025
रायपुर के टिकरापारा क्षेत्र में पुलिस ने एक बांग्लादेशी दंपत्ति को गिरफ्तार किया है, जो 16 साल से फर्जी दस्तावेजों के सहारे अवैध रूप से रह रहे थे। मोहम्मद दिलावर खान (49) और परवीन बेगम (44) धरमनगर, पचपेड़ी नाका में किराए के मकान में रहते थे। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और टिकरापारा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उनके पास से फर्जी पासपोर्ट, मार्कशीट, आधार कार्ड, और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
कैसे पकड़े गए?
13 जून 2025 को ACCU को सूचना मिली कि धरमनगर में बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं। पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर दिलावर को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बांग्लादेश के मुंशीगंज का निवासी होना स्वीकार किया। उसके पासपोर्ट और मार्कशीट की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया। मार्कशीट में 35 साल की उम्र में 8वीं कक्षा पास करने का दावा था, जो संदिग्ध पाया गया।

अवैध प्रवास की कहानी
दिलावर ने बताया कि वह 15 साल पहले बनगांव बॉर्डर के रास्ते भारत आया था। बाद में उसने अपनी पत्नी और बेटी को भी बुला लिया। रायपुर में अंडे का ठेला चलाकर उसने गुजारा किया और स्थानीय लोगों की मदद से फर्जी दस्तावेज बनवाए। उसके मोबाइल में बांग्लादेश के कई नंबर मिले, जिनकी जांच जारी है।
कानूनी कार्रवाई
टिकरापारा थाने में अपराध क्रमांक 437/25 दर्ज किया गया है। दंपत्ति के खिलाफ BNS की धाराओं 112, 318(4), 319(2), 336(3), 3(5) और पासपोर्ट व विदेशी अधिनियमों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से जब्त दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की प्रतिबद्धता
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा, “अवैध प्रवास और फर्जी दस्तावेजों के खिलाफ हमारी कार्रवाई जारी रहेगी। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, और हम इसे गंभीरता से ले रहे हैं।” पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में भी जुटी है।
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