
रायपुर में ईडी ने कांग्रेस भवन किया जब्त, छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ा मामला
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में कांग्रेस कार्यालय और पूर्व मंत्री कवासी लखमा की 6.15 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। इस घोटाले से राज्य को 2,100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ, और कवासी लखमा, जो पूर्व आबकारी मंत्री थे, इस सिंडिकेट का हिस्सा थे। अवैध शराब व्यापार से अर्जित आय का उपयोग सुकमा में कांग्रेस कार्यालय बनाने में किया गया, जिसे ईडी ने कुर्क किया।राजनीतिक प्रतिक्रियाओं में विवाद है, कांग्रेस इसे बीजेपी की साजिश कह रही है, जबकि बीजेपी भ्रष्टाचार को उजागर कर रही है।
कार्रवाई का विवरण
ईडी ने 6.15 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की, जिसमें सुकमा में कांग्रेस भवन, कवासी लखमा का रायपुर में आवास, और उनके बेटे हरीश लखमा का सुकमा में घर शामिल है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई है। दिसंबर 2024 में ईडी ने रायपुर, सुकमा और धमतरी जिलों में छापेमारी की थी, और कवासी लखमा को गिरफ्तार किया गया था, जो जनवरी 2025 से न्यायिक हिरासत में हैं।

आरोप और जांच
ईडी का आरोप है कि 2019 से 2022 के बीच अवैध शराब व्यापार से 2,161 करोड़ रुपये की अवैध आय अर्जित की गई, जिसमें नकली होलोग्राम का उपयोग कर सरकारी शराब दुकानों से अवैध शराब बेची गई। कवासी लखमा पर आरोप है कि उन्होंने इस सिंडिकेट को सक्रिय रूप से सहायता दी और प्रति माह 2 करोड़ रुपये की रिश्वत ली, जिसका उपयोग कांग्रेस कार्यालय और अन्य संपत्तियों के निर्माण में किया गया। जांच में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल दुटेजा, आबकारी विभाग के पूर्व विशेष सचिव एपी त्रिपाठी, और कारोबारी अनवर डेबर जैसे अन्य शामिल हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
कांग्रेस ने ईडी की कार्रवाई को बीजेपी की राजनीतिक साजिश करार दिया है, जबकि बीजेपी ने भूपेश बघेल की सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार को उजागर किया है। इस मुद्दे पर राजनीतिक तनाव स्पष्ट है, और दोनों पक्ष अपने-अपने दावों को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।
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