
पश्चिम बंगाल में नौकरी घोटाला: अयोग्य उम्मीदवारों के लिए दोबारा छापी गईं OMR शीट, ED की बड़ी कार्रवाई
अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरी, योग्य प्रत्याशी हुए वंचित
पश्चिम बंगाल में सरकारी नौकरियों में भारी अनियमितता का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरी दिलाने के लिए ओएमआर शीट दोबारा छापी गईं। बदले में इन उम्मीदवारों से मोटी रकम वसूली गई। वहीं, योग्य प्रत्याशी नियुक्ति पत्र की प्रतीक्षा करते रह गए।

मंत्री, नेता और अधिकारी सब शामिल
इस भर्ती घोटाले में राज्य सरकार के मंत्री, कई नेता और अधिकारी एकजुट होकर फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे। ओएमआर शीट की छपाई का ठेका एक ऐसी फर्म को दिया गया, जो आरोपियों के इशारे पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर देती थी। परिणामस्वरूप परीक्षा में अयोग्य उम्मीदवारों को फुल अंक मिले और वे सरकारी पदों पर चयनित हो गए।
ईडी की छापेमारी में 3 करोड़ की नकदी जब्त
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता जोनल कार्यालय ने 28-29 अक्टूबर को इस भर्ती घोटाले में कोलकाता और आसपास के 7 स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई में रेडिएंट एंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड, गरोडिया सिक्योरिटीज लिमिटेड और जीत कंस्ट्रक्शन एंड कंसल्टेंट्स जैसी कंपनियों के दफ्तरों और प्रमोटरों के घरों की तलाशी ली गई।
ईडी ने छापे के दौरान 3 करोड़ रुपये नकद, संपत्ति के दस्तावेज और डिजिटल उपकरणों सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए।
फर्जी सेवाओं के नाम पर मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा
ईडी की जांच में पता चला कि मुख्य आरोपियों ने घोटाले से कमाए गए काले धन को फर्जी सेवाओं और कंपनियों के माध्यम से सफेद किया जा रहा था। यह कंपनियां केवल कागजों पर मौजूद थीं और इनका इस्तेमाल पैसे की हेराफेरी के लिए किया जा रहा था।
मंत्री सुजीत बोस के दफ्तर पर भी छापा
इससे पहले, 10 अक्टूबर को ईडी ने पश्चिम बंगाल के मंत्री और विधायक सुजीत बोस के दफ्तर समेत 13 ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान एजेंसी को 45 लाख रुपये की नकदी और कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले थे।
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