
माओवादियों को बड़ा झटका, नक्सलियों के दो टॉप लीडरों DGP के सामने किया आत्मसमर्पण
बस्तर। माओवादी संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है। संगठन के दो वरिष्ठ लीडर — केंद्रीय समिति सदस्य पल्लूरी प्रसाद राव उर्फ शंकरन्ना उर्फ चंद्रन्ना और तेलंगाना स्टेट कमेटी सदस्य बंदी प्रकाश उर्फ प्रभात — ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए मुख्यधारा में वापसी की है। दोनों ने मंगलवार को तेलंगाना के डीजीपी शिवधर रेड्डी के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
मुख्यधारा में लौटे माओवादी नेता
डीजीपी शिवधर रेड्डी ने आत्मसमर्पण करने वाले दोनों नेताओं का स्वागत करते हुए उन्हें राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता के रूप में चेक प्रदान किए। उन्होंने कहा कि इस आत्मसमर्पण से क्षेत्र में शांति स्थापना और विकास को नई गति मिलेगी।

45 सालों से संगठन से जुड़े थे पल्लूरी प्रसाद राव
जानकारी के अनुसार, पल्लूरी प्रसाद राव (64 वर्ष) बीते 45 वर्षों से भाकपा (माओवादी) संगठन से जुड़ा हुआ था, जबकि बंदी प्रकाश लगभग 42 वर्षों से सक्रिय सदस्य रहा है। दोनों नेताओं ने संगठन में रणनीतिक और वैचारिक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
पल्लूरी प्रसाद राव उर्फ शंकरन्ना तेलंगाना के पेड्डापल्ली जिले के वडकापुर गांव का निवासी है। उनके पिता सरकारी स्कूल में प्रधानाध्यापक थे और मां गृहिणी हैं। वहीं बंदी प्रकाश उर्फ प्रभात भी तेलंगाना का ही निवासी है और संगठन की राज्य समिति (एससीएम) में शामिल था।
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