March 2, 2026
Chhattisgarh हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: प्रेम संबंधों में सहमति को मिली कानूनी मान्यता

Chhattisgarh हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: प्रेम संबंधों में सहमति को मिली कानूनी मान्यता

Oct 14, 2025

 14 अक्टूबर 2025

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बस्तर जिले के एक CAF (छत्तीसगढ़ सहायक बल) जवान से जुड़े संवेदनशील यौन उत्पीड़न मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस फैसले में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि महिला बालिग है और दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध रहे हैं तो शादी का वादा करके स्थापित किए गए यौन संबंधों को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए आरोपी को बरी कर दिया। यह निर्णय न केवल इस मामले को बंद करता है बल्कि आपसी सहमति वाले प्रेम संबंधों के कानूनी पहलुओं पर नई रोशनी डालता है। आइए इस मामले को विस्तार से समझते हैं।


मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला वर्ष 2013 से शुरू होता है जब आरोपी रूपेश कुमार पुरी जो बस्तर जिले में CAF जवान के रूप में तैनात थे और पीड़िता के बीच फेसबुक के माध्यम से दोस्ती हुई। CAF या छत्तीसगढ़ सहायक बल राज्य की पुलिस का एक विशेष बल है जो मुख्य रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों जैसे बस्तर में सुरक्षा कार्यों में लगा होता है। इन जवानों की ड्यूटी अक्सर चुनौतीपूर्ण होती है जहाँ वे लंबे समय तक परिवार से दूर रहते हैं।

दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे गहरे प्रेम संबंध में बदल गई। पीड़िता, जो बालिग थी, स्वेच्छा से आरोपी के घर जाती रही और उनके साथ शारीरिक संबंध बनाती रही। हालांकि, वर्ष 2022 में पीड़िता ने जगदलपुर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ यौन संबंध बनाए। इस शिकायत के आधार पर मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (बलात्कार) के तहत दर्ज किया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी के माता-पिता के हस्तक्षेप और परेशान करने के कारण संबंध बिगड़े जिसके चलते उसने FIR दर्ज कराई।

ट्रायल कोर्ट का फैसला

जगदलपुर की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की। ट्रायल कोर्ट ने मुख्य रूप से इस आधार पर फैसला सुनाया कि आरोपी ने शादी का वादा करके पीड़िता को धोखा दिया और यौन संबंध बनाए। कोर्ट ने रूपेश कुमार पुरी को दोषी ठहराते हुए 10 साल की कैद और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला IPC की धारा 90 के तहत सहमति की व्याख्या पर आधारित था जहाँ धोखे या गलतफहमी से प्राप्त सहमति को अमान्य माना जाता है। ट्रायल कोर्ट ने माना कि शादी का वादा एक प्रकार का धोखा था जिसके चलते पीड़िता ने संबंध बनाए।

 

👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇

https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V


Walkie Talkie News की शुरुआत हमने इस सोच के साथ की कि आपको हर खबर मिले सबसे पहले, सबसे सटीक और बिना किसी लाग-लपेट के। डिजिटल दौर में जहाँ अफवाहें हवा से तेज़ फैलती हैं, वहाँ हमारा मकसद है—आप तक पहुँचे सिर्फ़ सच, वो भी रियल टाइम में। भिलाई-दुर्ग और आसपास की हर लोकल हलचल, हर अहम जानकारी अब आपकी उंगलियों की ज़द में है।
Editor: Saurabh Tiwari
Phone: 8839303956
Email: walkietalkiemynews@gmail.com
Office Address: Shop No. 25, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Durg, Chhattisgarh

© Copyright Walkie Talkie News 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix