
IPS पूरन कुमार Suicide Case : 48 घंटे में गिरफ्तारी न हुई तो भारत बंद
चंडीगढ़ 13 अक्टूबर 2025 हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। चंडीगढ़ में रविवार को आयोजित महापंचायत में शहीद वाई. पूरन कुमार न्याय संघर्ष मोर्चा की 31 सदस्यीय समिति ने हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। समिति ने मांग की है कि डीजीपी शत्रुजीत कपूर समेत सभी आरोपी अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर गिरफ्तार किया जाए, वरना पूरे देश में भारत बंद का आह्वान किया जाएगा। यह घटना दलित संगठनों के बीच आक्रोश को और भड़का रही है जबकि पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार पर अब भी गतिरोध बना हुआ है।

आईपीएस पूरन कुमार की मौत का दर्दनाक किस्सा
52 वर्षीय वाई. पूरन कुमार, 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी, जो हाल ही में रोहतक के सुन्नारिया पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में आईजी के पद पर तैनात किए गए थे 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर कथित तौर पर खुद को गोली मार ली। उनकी पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई कि पूरन कुमार को जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न का शिकार बनाया गया था। सुसाइड नोट में डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारनिया के नाम प्रमुखता से उल्लेखित हैं। अमनीत ने आरोप लगाया कि इन अधिकारियों ने पूरन कुमार को मानसिक रूप से तोड़ दिया जिससे यह कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा।
महापंचायत में उबाल: डीजीपी हटाओ गिरफ्तारी कराओ
चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित गुरु रविदास भवन में रविवार दोपहर 3 बजे आयोजित महापंचायत में 300 से अधिक लोग जुटे। समिति के चेयरमैन प्रो. जय नारायण ने कहा 48 घंटे के अंदर आरोपी अधिकारियों की गिरफ्तारी न हुई तो दलित संगठन पूरे देश में आंदोलन छेड़ देंगे। नौकरियां छोड़कर हड़ताल और भारत बंद तक की योजना है। महापंचायत में हरियाणा हाईकोर्ट के जज से न्यायिक जाँच की मांग भी उठी। पूर्व सांसद राजकुमार सैनी के एक विवादास्पद बयान पर हंगामा भी हुआ जिसे बाद में शांत किया गया। समिति ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम या अंतिम संस्कार की अनुमति तभी मिलेगी जब सभी मांगें पूरी होंगी।

एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट जोड़ा गया लेकिन परिवार असंतुष्ट
अमनीत की शिकायत पर चंडीगढ़ पुलिस ने प्रारंभिक एफआईआर में सुधार किया है। अब भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के साथ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) एक्ट की धारा 3(2)(व) भी जोड़ी गई है। रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारनिया को ट्रांसफर कर दिया गया है। चंडीगढ़ आईजी पुष्पेंद्र कुमार के नेतृत्व में 6 सदस्यीय एसआईटी जांच कर रही है। हरियाणा सरकार ने कहा कि सभी मुद्दों का समाधान किया जा रहा है लेकिन परिवार की सहमति के बिना पोस्टमार्टम संभव नहीं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को परिवार से मुलाकात की और समर्थन का आश्वासन दिया।
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