
Chhattisgarh कोयला घोटाला: पूर्व CM बघेल का आरोप EOW और ACB ने Supreme Court में पेश किए जाली दस्तावेज
रायपुर, 13 अक्टूबर 2025: छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी घोटाले में नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) और एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इन एजेंसियों ने सुप्रीम कोर्ट में जाली दस्तावेज पेश किए हैं। कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है जबकि भाजपा सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए जहाँ को पारदर्शी बताया है। यह मामला 540 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़ा है जो पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में उजागर हुआ था।

घोटाले की पृष्ठभूमि
छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला 2023 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच से सामने आया था। आरोप है कि कोयला पर लगने वाले लेवी (उगाही) के नाम पर व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों से जबरन वसूली की जाती थी। ईडी के अनुसार प्रति टन कोयले पर 25 रुपये की अवैध वसूली से सैकड़ों करोड़ रुपये का काला धन इकट्ठा किया गया। इस नेटवर्क में आईएएस अधिकारी रानू साहू सौम्या चौरसिया समीर विश्नोई और कोयला व्यापारी सूर्यकांत तिवारी जैसे प्रमुख आरोपी शामिल हैं। ईओडब्ल्यू ने जुलाई 2024 में पहला और अक्टूबर 2025 में दूसरा पूरक चालान पेश किया जिसमें 15 से अधिक लोगों के नाम हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में कई आरोपियों को अंतरिम जमानत दी थी, लेकिन ईओडब्ल्यू ने नई गिरफ्तारियां भी कीं।
जाली दस्तावेजों का आरोप
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ईओडब्ल्यू-एसीबी ने कोल घोटाले के आरोपी सूर्यकांत तिवारी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान धारा 164 सीआरपीसी के तहत रिकॉर्ड किए गए बयानों को जाली तरीके से पेश किया। फॉरेंसिक जहाँ में पाया गया कि दस्तावेजों में अलग-अलग फॉन्ट्स का इस्तेमाल हुआ है जो दर्शाता है कि बयान पहले से टाइप करके मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए गए। बघेल ने आरोप लगाया “यह केंद्र सरकार की साजिश है। जहाँ एजेंसियां अब निष्पक्ष नहीं रहीं फैसला पहले से लिखा जाता है।
कोर्ट की कार्रवाई
रायपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने 12 अक्टूबर को ईओडब्ल्यू-एसीबी के तीन अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान आरोपी तिवारी के वकीलों ने दस्तावेजों की वैधता पर सवाल उठाए, जिसके बाद कोर्ट ने फॉरेंसिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए जांच के आदेश दिए। हाई कोर्ट में भी इसी तरह की शिकायत दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जाली दस्तावेज साबित होते हैं तो यह पूरे मामले को प्रभावित कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट में ईओडब्ल्यू द्वारा पेश दस्तावेजों की जहाँ अब तेज हो गई है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
कांग्रेस ने इसे ‘डबल इंजन सरकार की साजिश’ बताया। पूर्व सीएम बघेल ने कहा, “जब लिफाफा बंद बयान अदालत पहुंचने से पहले मीडिया में लीक हो जाता है तो सवाल उठता है कि यह कैसे संभव है?” पीसीसी चीफ बैज ने आरटीआई कानून की 20वीं वर्षगांठ पर प्रेस वार्ता में केंद्र पर जनता से सच छिपाने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को ‘बेबुनियाद’ करार दिया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा “भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। कांग्रेस घोटाले के आरोपी बचाने के लिए बहाने बना रही है।।
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