
विदेशी मुद्रा Racket पर ED की सख्त कार्रवाई: 17 ठिकानों पर छापेमारी
विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) 1999 के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई: लॉजरी, गैंगस्टर और विदेशी मुद्रा लेनदेन में उजागर हुआ बड़ा रैकेट
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हाल ही में एक बड़े विदेशी मुद्रा रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें लॉजरी, गैंगस्टर और विदेशी मुद्रा लेनदेन के अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) 1999 के तहत की गई, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों, विशेष रूप से केरल और तमिलनाडु में 17 ठिकानों पर छापेमारी शामिल थी। इस अभियान में न केवल अवैध धन के लेनदेन का पता चला, बल्कि कई गंभीर अपराधियों और उनके नेटवर्क का भी खुलासा हुआ, जो देश की आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।

छापेमारी और जानकारी का खुलासा
ED की इस कार्रवाई में केरल और तमिलनाडु के 17 स्थानों पर व्यापक छापेमारी की गई। इन छापेमारियों के दौरान अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अवैध विदेशी मुद्रा लेनदेन से जुड़े साक्ष्य हासिल किए। जांच में यह बात सामने आई कि इस रैकेट में शामिल लोग नकली कंपनियों और हवाला नेटवर्क के जरिए विदेशी मुद्रा को अवैध रूप से स्थानांतरित कर रहे थे। ये नकली कंपनियां मुख्य रूप से फिल्म उद्योग से जुड़े व्यक्तियों और अन्य प्रभावशाली लोगों द्वारा संचालित की जा रही थीं, जिनका मकसद काले धन को वैध बनाना था।

नेपाल और भूटान के साथ अवैध गतिविधियां
जांच में यह भी पता चला कि इस रैकेट का नेटवर्क नेपाल और भूटान तक फैला हुआ है, जहां से भारत में माल की तस्करी और अवैध लेनदेन के जरिए पैसा लाया जा रहा था। ED ने इन देशों के साथ मिलकर काम करते हुए कई संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की है। इसके अलावा, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में भी इस रैकेट के अवैध गतिविधियों के सबूत मिले हैं।
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