
Chhattisgarh सरकार की पहल: 11वीं से पीजी तक SC-OBC छात्रों को मिलेगी 1200 रुपये की मासिक सहायता
7 अक्टूबर 2025: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में आर्थिक रूप से कमजोर अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई योजना की घोषणा की है, जिसमें 11वीं कक्षा से लेकर स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर तक के छात्रों को हर महीने 1200 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता मुख्य रूप से छात्रों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था के लिए दी जाएगी, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। इस योजना से हर साल 200 छात्रों (100 एससी और 100 ओबीसी वर्ग के) को लाभ मिलने की उम्मीद है।

योजना की पृष्ठभूमि और आवश्यकता
दुर्ग जिले के कई ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों से छात्र भिलाई, वैशाली नगर जैसे शैक्षणिक केंद्रों में पढ़ाई के लिए आते हैं। इन छात्रों को अक्सर आवास और भोजन की समस्या का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण उनकी शिक्षा अधर में लटक जाती है। वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रिकेश सेन ने इस समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार के समक्ष एक प्रस्ताव रखा था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की, जिससे यह योजना अस्तित्व में आई।
यह योजना विशेष रूप से उन मेधावी छात्रों के लिए वरदान साबित होगी जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी उच्च शिक्षा छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच अभी भी चुनौतीपूर्ण है, ऐसी योजनाएं छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, एससी और ओबीसी वर्ग के छात्रों में ड्रॉपआउट दर अपेक्षाकृत अधिक है, और यह योजना इसी दर को कम करने में मददगार होगी।

योजना के मुख्य लाभ और पात्रता
- आर्थिक सहायता: योजना के अंतर्गत पात्र छात्रों को 1200 रुपये दिए जाएंगे, जो सीधे उनके ठहरने (हॉस्टल या किराए के आवास) और भोजन की लागत को कवर करेगा। यह राशि शासकीय स्कूलों या कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों के लिए उपलब्ध होगी।
- लाभार्थियों की संख्या: प्रति वर्ष 200 छात्रों को चुना जाएगा, जिसमें 100 एससी और 100 ओबीसी वर्ग के छात्र शामिल होंगे। इससे जिले के विभिन्न हिस्सों से छात्रों को समान अवसर मिलेगा।
- पात्रता मानदंड: छात्र का निवास स्थान उनके अध्ययन संस्थान से कम से कम 8 किलोमीटर दूर होना चाहिए। योजना केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए है, और उन्हें एससी या ओबीसी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।
प्रभाव: विधायक रिकेश सेन ने कहा, “यह योजना उन छात्रों को प्रोत्साहित करेगी जो आर्थिक अभाव के कारण पढ़ाई छोड़ देते हैं। इससे न केवल उनकी शिक्षा पूरी होगी, बल्कि वे समाज में बेहतर योगदान दे सकेंगे। दुर्ग जिले के सुदूर अंचलों के छात्रों को इससे सीधा लाभ मिलेगा।”
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