
Jagdalpur: नक्सलियों की साजिश नाकाम, IED को जवानों ने किया निष्क्रिय; तीन आतंकी गिरफ्तार
जगदलपुर, 6 अक्टूबर 2025 – छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र जगदलपुर में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया है। नक्सलियों द्वारा जवानों को निशाना बनाने के इरादे से लगाई गई शक्तिशाली आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) को सीआरपीएफ की टीम ने सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया। इस ऑपरेशन के दौरान तीन नक्सली सहयोगियों को गिरफ्तार भी किया गया। घटना के बाद इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है, और सुरक्षा बलों ने व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

नक्सलियों की घात लगाने की कोशिश
जानकारी के अनुसार, नक्सलियों ने बस्तर क्षेत्र के घने जंगलों में एक सुनियोजित साजिश रची थी। वे सुरक्षा बलों के एक पैट्रोलिंग दस्ते को निशाना बनाने के लिए सड़क पर आईईडी बिछा चुके थे। यह विस्फोटक उपकरण इतना शक्तिशाली था कि इससे दर्जनों जवान घायल या हताहत हो सकते थे। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि नक्सली संगठन के कुछ सदस्यों ने रात के अंधेरे में यह जाल बिछाया था, लेकिन सुरक्षा बलों की सतर्कता ने उनकी चाल को विफल कर दिया।
सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमारी खुफिया जानकारी के आधार पर हम सतर्क थे। पैट्रोलिंग के दौरान संदिग्ध वस्तु दिखाई दी, जिसे तुरंत निष्क्रिय करने की कार्रवाई की गई।” इस घटना से नक्सलियों का मनोबल टूटा है, लेकिन सुरक्षा बल सतर्कता बनाए रखेंगे।
आईईडी निष्क्रिय करने में जवानों का साहस
आईईडी को निष्क्रिय करने का कार्य अत्यंत जोखिम भरा था। बम डिस्पोजल स्क्वायड (बीडीएस) की टीम ने विशेष उपकरणों का उपयोग कर विस्फोटक को सुरक्षित रूप से डिफ्यूज किया। इस दौरान कोई हादसा नहीं हुआ, जो जवानों के प्रशिक्षण और साहस का प्रमाण है। अधिकारीयों के मुताबिक, आईईडी में लगभग 10 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री भरी हुई थी, जो एक बड़ा धमाका कर सकती थी।
इस सफलता पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर जवानों को बधाई दी। उन्होंने कहा, “हमारे वीर जवानों की बहादुरी से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक और जीत हासिल हुई। राज्य सरकार पूर्ण समर्थन देगी।”
तीन नक्सली सहयोगी गिरफ्तार, पूछताछ जारी
ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने आईईडी लगाने में मदद करने वाले तीन नक्सली सहयोगियों को हिरासत में ले लिया। ये गिरफ्तारियां स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से संभव हुईं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये लोग नक्सली संगठन को लॉजिस्टिक सपोर्ट प्रदान कर रहे थे, जिसमें विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति भी शामिल थी।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 25 से 35 वर्ष के बीच है, और वे बस्तर के आसपास के गांवों के निवासी हैं। इनसे नक्सलियों के बड़े नेटवर्क के सुराग मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में इन्हें रिमांड पर लिया गया है, और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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