
Surajpur: खेलने के दौरान घुनघुट्टा नदी में डूबा 9वीं का छात्र, 12 किमी दूर मिला शव; परिजनों में मचा कोहराम
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। एक 9वीं कक्षा के छात्र की खेल-कूद के दौरान घुनघुट्टा नदी में डूबने से मौत हो गई। ग्रामीणों और प्रशासन की कई घंटों की मशक्कत के बाद छात्र का शव नदी से करीब 12 किलोमीटर दूर मिला। इस हादसे से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

घटना का विवरण: दोस्तों संग नदी किनारे खेलते हुए हुआ हादसा
घटना सूरजपुर जिले के घुनघुट्टा क्षेत्र के एक छोटे से गांव की है। मृतक छात्र, जिनका नाम राहुल यादव (काल्पनिक) बताया जा रहा है, स्थानीय सरकारी स्कूल में 9वीं कक्षा का छात्र था। शुक्रवार दोपहर को स्कूल से लौटने के बाद वह अपने कुछ दोस्तों के साथ गांव के पास बहने वाली घुनघुट्टा नदी के किनारे खेलने चला गया। दोस्तों के अनुसार, खेल-कूद के दौरान राहुल अचानक नदी में फिसल गया और तेज बहाव में बहने लगा।
दोस्तों ने तुरंत चिल्लाकर मदद मांगी, लेकिन नदी का तेज बहाव होने के कारण कोई कुछ कर पाने में असमर्थ रहा। ग्रामीणों को जब खबर मिली, तो वे दौड़ पड़े, लेकिन तब तक राहुल नदी में बह चुका था। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। राहुल के पिता, एक किसान, जब घटनास्थल पर पहुंचे, तो उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे।
सर्च ऑपरेशन: 12 किमी दूर मिला शव, प्रशासन की भूमिका पर सवाल
पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम ने घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) की एक टीम को भी बुलाया गया, जो नदी के आसपास सर्चिंग में जुटी रही। कई घंटों की मशक्कत के बाद शुक्राबाद रात को राहुल का शव नदी से लगभग 12 किलोमीटर दूर एक जंगल क्षेत्र में फंसा हुआ मिला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और प्रारंभिक जांच में डूबने की पुष्टि हो चुकी है।
परिजनों का आरोप है कि नदी किनारे पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं हैं, खासकर जहां बच्चे अक्सर खेलने आते हैं। एक ग्रामीण ने बताया, “यह नदी मानसून के बाद हमेशा खतरनाक हो जाती है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई चेतावनी बोर्ड या रेलिंग नहीं लगाई गई।” जिला कलेक्टर ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दिए हैं और मृतक के परिवार को सहायता राशि देने का आश्वासन दिया है।
परिजनों का शोक: गांव में सन्नाटा, मां का बुरा हाल
राहुल के परिवार में माता-पिता के अलावा दो छोटे भाई-बहन हैं। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जो बार-बार कह रही हैं, “मेरा बेटा लौट आएगा।” गांव वालों ने घर के बाहर शोक सभा बुलाई है, और राहुल के दोस्तों की आंखें नम हैं। एक दोस्त ने कहा, “राहुल बहुत शरारती था, लेकिन पढ़ाई में भी तेज। हम सब सदमे में हैं।”
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