
Bilaspur में मंदिर के शिवलिंग पर मुस्लिम युवक द्वारा थूकने का आरोप
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ | 4 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले एक विवादास्पद घटना ने स्थानीय स्तर पर तनाव पैदा कर दिया है। शुक्रवार रात को एक मुस्लिम युवक पर मंदिर के शिवलिंग पर थूकने का आरोप लगने के बाद हिंदू संगठनों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही, लेकिन प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि शांति बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

घटना का विवरण
घटना बिलासपुर शहर के व्यस्त इलाके में स्थित श्री राम मंदिर के परिसर में घटी। सूत्रों के अनुसार, शनिवार रात करीब 1 बजे दो युवक मंदिर परिसर में घुसे, जहां एक ने शिवलिंग पर थूकने का कृत्य किया। मंदिर के पुजारी रामेश्वर दास ने बताया, “रात के समय पूजा-अर्चना के दौरान हमें संदिग्ध आवाजें सुनाई दीं। जब हमने जांच की, तो शिवलिंग पर थूक के निशान मिले। सीसीटीवी फुटेज में दो युवकों की संलिप्तता साफ दिख रही है। यह हमारी आस्था पर सीधा हमला है।”
आरोपी युवकों की पहचान अब्दुल रहमान (उम्र 22 वर्ष) और उसके साथी मोहम्मद सलीम (उम्र 20 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों स्थानीय निवासी हैं और पड़ोसी मुस्लिम बस्ती से संबंध रखते हैं। पुलिस के अनुसार, यह कृत्य जानबूझकर किया गया प्रतीत होता है, हालांकि आरोपी पक्ष ने इसे नशे में हुई गलती बताकर सफाई दी है। बिलासपुर एसएसपी प्रशांत अग्रवाल ने बताया, “हमने दोनों को धारा 295ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने) और 153ए (सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने) के तहत गिरफ्तार किया है। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य संग्रहित किए हैं और आगे की जांच चल रही है।”

हिंदू संगठनों का विरोध
घटना की जानकारी फैलते ही हिंदू संगठनों ने तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शनिवार सुबह मंदिर के बाहर धरना दिया। वीएचपी के स्थानीय संयोजक राकेश शर्मा ने कहा, “यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि साजिश का हिस्सा लगता है। हमारी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन से मांग करते हैं। यदि दोषी सिद्ध होते हैं, तो कड़ी सजा होनी चाहिए।”
विरोध के दौरान सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे, लेकिन पुलिस की सतर्कता से कोई हिंसा नहीं हुई। हालांकि, आसपास के मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने भी चिंता जताई है। स्थानीय मुस्लिम नेता अब्दुल गफ्फार ने कहा, “हम इस घटना की निंदा करते हैं। यह कुछ व्यक्तियों की करतूत है, न कि पूरे समुदाय की। शांति बनाए रखने के लिए हम प्रशासन के साथ सहयोग करेंगे।”
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