
STF ने रंगदारी गैंग का भंडाफोड़, बिल्डर से मांगे 15 Crore, 3 गिरफ्तार”
2 अक्टूबर 2025: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े रंगदारी के गिरोह का पर्दाफाश किया है। तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया, जो एक प्रमुख बिल्डर से 15 करोड़ रुपये की रंगदारी मांग रहे थे। आरोपी झूठी खबरें फैलाकर और केंद्रीय जांच एजेंसियों में फर्जी शिकायतें देकर बिल्डर को ब्लैकमेल कर रहे थे। यह गिरोह न केवल सोशल मीडिया पर अफवाहें फैला रहा था, बल्कि Enforcement Directorate (ED), Central Bureau of Investigation (CBI) और इनकम टैक्स विभाग में भी बिल्डर के खिलाफ झूठे केस दर्ज करवाने की धमकी देता था।

गिरोह का modus operandi: फर्जी खबरों से दबाव बनाना
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी पिछले छह महीनों से एक्टिव थे। वे बिल्डरों और रियल एस्टेट कारोबारियों को निशाना बनाते थे। इस मामले में मुख्य आरोपी विजय शर्मा (42 वर्ष, पूर्व पत्रकार), उनके साथी अजय कुमार (35 वर्ष, सोशल मीडिया हैंडलर) और राकेश सिंह (38 वर्ष, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाला) थे। ये तीनों दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय थे, लेकिन उत्तर प्रदेश के लखनऊ और नोएडा में अपनी गतिविधियां चला रहे थे।
गिरोह का तरीका बेहद चालाकी भरा था। सबसे पहले, वे टारगेट बिल्डर की कंपनी के बारे में बाजार की अफवाहें इकट्ठा करते। फिर, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे ट्विटर (X), फेसबुक और यूट्यूब पर अज्ञात अकाउंट्स से झूठी खबरें पोस्ट करते। उदाहरण के लिए, इस मामले में बिल्डर राजेश वर्मा (नाम परिवर्तित) की कंपनी ‘वर्मा कंस्ट्रक्शन्स’ के खिलाफ ‘भ्रष्टाचार’, ‘ब्लैकमनी लॉन्ड्रिंग’ और ‘अवैध निर्माण’ जैसी फर्जी स्टोरीज चलाई गईं। इन खबरों में पुरानी फोटोज को एडिट कर नई दिखाया जाता, और फर्जी व्हिसलब्लोअर्स के नाम से वीडियो अपलोड किए जाते।

एक बार खबर वायरल हो जाती, तो आरोपी बिल्डर से संपर्क करते। वे कहते, “हमारी खबरें बंद करवाने के लिए 15 करोड़ दो, वरना ED, CBI और इनकम टैक्स को शिकायत भेज देंगे।” जांच में पता चला कि उन्होंने पहले ही तीन फर्जी शिकायतें इन एजेंसियों में भेज दी थीं, जिनमें बिल्डर पर ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ और ‘टैक्स चोरी’ के आरोप लगाए गए थे। ये शिकायतें फर्जी दस्तावेजों जैसे एडिटेड बैंक स्टेटमेंट्स और गढ़ी हुई ईमेल्स के साथ तैयार की गई थीं।
STF की सतर्कता: जाल बिछाकर धर दबोचा
STF को इस गिरोह की भनक बिल्डर राजेश वर्मा की शिकायत पर लगी। वर्मा ने बताया कि उन्हें अक्टूबर के पहले सप्ताह में एक अनजान नंबर से धमकी भरा कॉल आया था। आरोपी ने कहा था, “तुम्हारी कंपनी की सारी काली करतूतें दुनिया के सामने आ जाएंगी। 15 करोड़ कैश में जमा कराओ, तो सब ठीक।” वर्मा ने तुरंत STF को सूचना दी, जिसने एक जाल रचा।
STF की टीम ने एक फर्जी मीटिंग सेट की, जहां आरोपी पैसे लेने आ रहे थे। 1 अक्टूबर की रात नोएडा के एक होटल में ट्रैप लगाया गया। विजय शर्मा और उसके साथी पैसे गिनने के बहाने पहुंचे, तभी STF ने छापा मारा। तीनों को हिरासत में ले लिया गया। उनके पास से दो मोबाइल फोन, लैपटॉप, फर्जी आईडी कार्ड्स और 5 लाख रुपये नकद बरामद हुए। जांच में 20 से अधिक बिल्डर्स के नाम सामने आए, जिन्हें ये धमकी दे चुके थे।



