
Korba में सिलसिलेवार लूट का पर्दाफाश, नाबालिग सहित 8 गिरफ्तार
कोरबा, 2 अक्टूबर 2025 छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस ने एक बड़े सिलसिलेवार लूट के गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। लगातार तीन महीनों से शहर के विभिन्न इलाकों में हो रही चोरियों और लूट की घटनाओं के पीछे सक्रिय इस गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी का लाखों रुपये मूल्य का सामान बरामद किया गया है। सभी को आज न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पिछले जुलाई से सक्रिय था और कोरबा शहर के व्यस्त बाजारों, आवासीय इलाकों तथा छोटे-मोटे दुकानों को निशाना बना रहा था। गिरोह के सदस्य रात के अंधेरे का फायदा उठाकर ताले तोड़कर घरों और दुकानों में सेंधमारी करते थे। अब तक इस गिरोह के खिलाफ 12 से अधिक चोरी और लूट की शिकायतें दर्ज हो चुकी थीं, जिनमें से अधिकांश कोरबा के उरगा, चकराभाठा और कटघोरा क्षेत्रों से जुड़ी हुईं। पीड़ितों को कुल मिलाकर करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ था, जिसमें नकदी, जेवरात, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान और अन्य कीमती वस्तुएं शामिल हैं।
गिरोह का सरगना था पूर्व अपराधी: जांच में पता चला कि गिरोह का सरगना 32 वर्षीय राजेश पटेल है, जो पहले भी चोरी के कई मामलों में जेल जा चुका है। राजेश ने जेल से बाहर आने के बाद अपने पुराने साथियों को इकट्ठा किया और नाबालिग लड़के को भी अपने जाल में फंसा लिया। नाबालिग, जो मात्र 16 वर्ष का है, गिरोह के लिए गश्ती का काम करता था और छोटे-मोटे चोरियों में हाथ बंटाता था। अन्य आरोपी सदस्यों में 28 वर्षीय संजय यादव, 25 वर्षीय मोहन साहू, 40 वर्षीय रामू विश्वकर्मा, 22 वर्षीय अजय कुशवाहा, 35 वर्षीय बालेश्वर पटेल, 19 वर्षीय विक्की ठाकुर और उक्त नाबालिग शामिल हैं।

कोरबा पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुनील शर्मा ने बताया, “हमारी स्पेशल टास्क फोर्स ने गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर 1 अक्टूबर की रात को उरगा थाना क्षेत्र में दबिश दी। आरोपी एक सुनसान गोदाम में चोरी का माल बांट रहे थे, तभी उन्हें धर दबोचा गया। पूछताछ में उन्होंने कई अनसुलझे मामलों का कबूलनामा दिया है।” एसपी शर्मा ने आगे कहा कि नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा, जबकि वयस्क आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 380 (चोरी), 457 (रात में घर में घुसपैठ) और 411 (चोरी की संपत्ति रखना) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
बरामद सामान से पीड़ितों को राहत: गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के 20 तोले जेवरात, तीन मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, दो डिजिटल कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बरामद किया। इनमें से अधिकांश वस्तुएं स्थानीय दुकानदारों और निवासियों की चोरी हुई संपत्ति साबित हुई हैं। चकराभाठा के एक दुकानदार रमेश वर्मा, जिनकी दुकान से 2 लाख का माल चोरी हुआ था, ने बताया, “पुलिस की तत्परता से हमें बड़ी राहत मिली है। हमारा खोया हुआ माल वापस मिलने की उम्मीद है। यह गिरोह हमारे इलाके में दहशत का पर्याय बन गया था।”
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