
कल से बड़ा बदलाव: E-Office System अनिवार्य, File अटकने पर तुरंत मिलेगा पता
रायपुर। प्रदेश में सरकारी कामकाज को पारदर्शी और तेज़ बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 1 अक्टूबर से सभी नगर निगम और निकायों में ई-ऑफिस सिस्टम अनिवार्य कर दिया गया है। अब अगर किसी फाइल में देरी होगी तो यह तुरंत पता चल सकेगा कि फाइल किस अधिकारी या कर्मचारी के पास लंबित है।

क्या है ई-ऑफिस सिस्टम?
- ई-ऑफिस एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसमें सभी फाइलें और दस्तावेज़ ऑनलाइन अपडेट और ट्रैक किए जाते हैं।
- हर अधिकारी को लॉगिन आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा।
- कोई भी फाइल कब और किसके पास गई, कब तक लंबित रही और किस स्तर पर अटकी—यह सब रिकॉर्ड अपने-आप सिस्टम में दर्ज होगा।
क्या बदलेगा?
फाइलों के गायब होने या बेवजह अटकने की समस्या खत्म होगी।
अफसरों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय हो जाएगी।
कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
आम जनता को योजनाओं और सेवाओं से जुड़े काम तेजी से निपटने की सुविधा मिलेगी।

सरकार का लक्ष्य
सरकार का कहना है कि ई-ऑफिस सिस्टम से “पेपरलेस गवर्नेंस” को बढ़ावा मिलेगा और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। साथ ही, इससे कामकाज की मॉनिटरिंग करना आसान होगा।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



