
Bhupesh Baghel का नाम नहीं लेने पर ED अफसरों ने मारा: कांग्रेस नेता पंचू ठाकुर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। कांग्रेस नेता हेमंत चंद्राकर ने मंगलवार, 30 सितंबर 2025 को एक साहसिक कदम उठाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के उप-निदेशक पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी के उप-निदेशक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उनकी और उनके सहयोगियों की मानसिक शांति भंग की है। इस घटना ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

प्रदर्शन और मांग
हुआ यूं कि हेमंत चंद्राकर ने रायपुर स्थित ईडी कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। उनके समर्थकों के साथ मिलकर उन्होंने बैनर और पोस्टर लगाए, जिन पर लिखा था, “ईडी के उप-निदेशक पर कार्रवाई की मांग” और “स्वच्छता का टेस्ट हमारा”। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि ईडी द्वारा की जा रही जांच एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कांग्रेस नेताओं को परेशान करना और उनकी छवि धूमिल करना है। चंद्राकर ने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ दर्ज किए गए मामले में कोई ठोस सबूत नहीं है, फिर भी उन्हें लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई। कांग्रेस ने इसे केंद्र सरकार की ओर से विपक्ष को दबाने की साजिश करार दिया, वहीं दूसरी ओर राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी ने इसे कांग्रेस की हताशा बताया। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि ईडी का काम भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करना है, और यदि चंद्राकर निर्दोष हैं, तो उन्हें जांच में सहयोग करना चाहिए।

ईडी का रुख
ईडी की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, ईडी का कहना है कि उनकी जांच एक निष्पक्ष प्रक्रिया का हिस्सा है और किसी भी राजनीतिक दबाव में नहीं की जा रही। ईडी कार्यालय के बाहर लगे बोर्ड पर लिखा है, “भारत सरकार, गृह मंत्रालय, प्रवर्तन निदेशालय”, जो इस संस्था की केंद्रीय भूमिका को दर्शाता है।
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