
ED की बड़ी कार्रवाई: जम्मू-कश्मीर बैंक कर्मचारी समेत Network पर Cyber फ्रॉड
श्रीनगर, 24 सितंबर 2025। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की श्रीनगर ज़ोनल टीम ने गांदरबल जिले के कंगन क्षेत्र में एक बड़े साइबर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग केस में छापेमारी की। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA, 2002) के तहत की गई, जिसमें जम्मू-कश्मीर बैंक के एक कर्मचारी समेत उसके परिवार और सहयोगियों की संलिप्तता सामने आई है।

शिकायत से शुरू हुई जांच
जांच की शुरुआत तब हुई जब फिरदौस अहमद डार नामक स्थानीय व्यक्ति ने जम्मू-कश्मीर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग स्कीम RSN प्लेटफॉर्म में ऊंचे मुनाफे का लालच देकर ठगा गया। शिकायतकर्ता ने अपनी बैंकिंग डिटेल्स साझा कीं, जिनका दुरुपयोग कर उनके खाते से संदिग्ध लेनदेन किए गए।
डार ने करीब ₹5 लाख शाहनवाज अहमद शाह के पिता गुलाम नबी शाह के खाते में भी ट्रांसफर किए, लेकिन वादा किया गया रिटर्न कभी नहीं मिला।
आरोपितों का नेटवर्क
ईडी की जांच में पाया गया कि इस धोखाधड़ी में कई लोग शामिल थे—
- शाहनवाज अहमद शाह – जम्मू-कश्मीर बैंक लिमिटेड का कर्मचारी
- गुलाम नबी शाह – आरोपी का पिता
- रुमैसा – आरोपी की बहन
- डॉ. आमिर – बहन का मंगेतर

इन सभी ने स्थानीय लोगों को “गारंटीड रिटर्न” का लालच देकर पैसे निवेश कराने का काम किया।
करोड़ों की लेन-देन, क्रिप्टो से कनेक्शन
बैंक खातों की जांच में करीब ₹53 करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ। हालांकि, छापेमारी के दौरान खातों में कोई बड़ी राशि शेष नहीं पाई गई।
ईडी को तलाशी के दौरान Binance पर USDT ट्रेडिंग अकाउंट्स के सबूत भी मिले, जिससे इस पूरे स्कैम में क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल का खुलासा हुआ।
ईडी की तलाशी में बरामदगी
संदिग्ध लेन-देन से जुड़े दस्तावेज़
संपत्ति के कागजात
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस
इन सभी सामग्रियों को जब्त कर जांच में शामिल किया गया है।
कानूनी स्थिति
इस मामले में BNS की धारा 318(4) (पूर्व में IPC 420 – धोखाधड़ी) और आईटी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपितों की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
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