
दीपावली से पहले वन मंत्री का बड़ा ऐलान!
छत्तीसगढ़ सरकार ने वनवासियों और तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए दीपावली से पहले खुशहाली का संदेश दिया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने हाल ही में विभागीय समीक्षा बैठक में बड़ा ऐलान किया, जिसमें तेंदूपत्ता पारिश्रमिक के बकाये भुगतान को दीपावली से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, अचानकमार वन्यजीव अभयारण्य को सेंट्रल इंडिया का प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने की योजना पर जोर दिया गया। यह कदम न केवल वनवासियों की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगा, बल्कि पर्यटन से रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
तेंदूपत्ता पारिश्रमिक का बकाया भुगतान: दीपावली से पहले राहत
तेंदूपत्ता संग्रहण छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे “हरा सोना” कहा जाता है। राज्य में लगभग 12 लाख संग्राहक परिवार इससे जुड़े हैं। मंत्री केदार कश्यप ने 28 सितंबर 2025 को रायपुर में आयोजित बैठक में वनमंडलों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैंक खातों की तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान कर बकाये पारिश्रमिक का भुगतान सुनिश्चित करने के आदेश दिए।

प्रमुख आंकड़े: वर्तमान संग्रहण वर्ष में संग्राहकों को प्रति मानक बोरा 5,500 रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जो पिछली सरकार के 4,000 रुपये से 37% अधिक है। इसके अलावा, 424 करोड़ रुपये से अधिक का प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) वितरित किया जा चुका है। अगले वर्ष से 12 लाख पुरुष संग्राहकों को चरण पादुका (जूते) भी प्रदान की जाएंगी।
उद्देश्य: यह भुगतान वनवासियों को दीपावली पर आर्थिक मजबूती देगा, जिससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी। मंत्री ने कहा, “तेंदूपत्ता संग्राहकों का कल्याण हमारी प्राथमिकता है। बकाये का एक-एक पैसा समय पर पहुंचेगा।”
यह योजना मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में वनवासी कल्याण पर केंद्रित है, जिसमें बीमा, छात्रवृत्ति और अन्य लाभ भी शामिल हैं। संग्राहकों को गुणवत्ता युक्त पत्ता संग्रहण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि अधिक बोनस मिल सके।
अचानकमार: सेंट्रल इंडिया का नया पर्यटन हब बनेगा
अचानकमार वन्यजीव अभयारण्य, जो बिलासपुर और कोरिया जिले में फैला है, अब पर्यटन का नया केंद्र बनेगा। मंत्री कश्यप ने बैठक में अभयारण्य में बाघों की संख्या में वृद्धि पर प्रसन्नता जताई। अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो-तीन वर्षों में बाघों की संख्या 5 से बढ़कर 18 (शावकों सहित) हो गई है।
पर्यटन योजना: इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। बिलासपुर संभाग के आकर्षक केंद्रों—जैसे झरने, वन्यजीव सफारी और ट्रेकिंग रूट्स—को विकसित किया जाएगा। अचानकमार को “सेंट्रल इंडिया का नया पर्यटन हब” बनाने का लक्ष्य है, जिससे स्थानीय रोजगार बढ़े।
लाभ: इससे वन्यजीव संरक्षण के साथ पर्यटन राजस्व में वृद्धि होगी। पर्यटकों को सुरक्षित दर्शन, गाइडेड टूर्स और स्थानीय उत्पादों की बिक्री की सुविधा मिलेगी।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन विकास में वनवासियों को प्राथमिकता दें, ताकि वे गाइड, होमस्टे और हस्तशिल्प से लाभान्वित हों।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



