
Balrampur में सरपंच का क्रूर कृत्य: ललन सिंह धुर्वे ने युवक को बांधकर की बेरहम पिटाई
29 सितंबर 2025 तक की ताजा जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में सरपंच ललन सिंह धुर्वे द्वारा एक युवक को “तालिबानी सजा” देने का मामला अभी भी सुर्खियों में है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, लेकिन एक्स (पूर्व ट्विटर) पर अभी तक कोई प्रमुख चर्चा या पोस्ट नहीं मिली।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर, पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन सरपंच के खिलाफ अभी तक कोई औपचारिक FIR दर्ज नहीं हुई है। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है और घायल युवक का बयान दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
घटना का अपडेटेड विवरण
तारीख और जगह: 27-28 सितंबर 2025 की आधी रात को अल्का गांव (चलगली थाना क्षेत्र) में घटना हुई। युवक (नाम अज्ञात, लेकिन स्थानीय बताया जा रहा है) अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने आया था। परिजनों को शक हुआ तो उन्होंने सरपंच ललन सिंह धुर्वे को बुला लिया।
क्या हुआ: सरपंच ने युवक के हाथ पीछे बांध दिए और डंडे से बेरहमी से पिटाई की। युवक की गर्लफ्रेंड ने हस्तक्षेप किया तो उसे भी डंडे लगे। वीडियो में सरपंच को स्पष्ट रूप से पीटते देखा जा सकता है, जबकि ग्रामीण चुपचाप खड़े रहे। पिटाई इतनी तेज थी कि युवक को गंभीर चोटें आईं।

चिकित्सा स्थिति: घायल युवक को वाड्रफनगर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत स्थिर है, लेकिन फ्रैक्चर और आंतरिक चोटों की जांच चल रही है। गर्लफ्रेंड को मामूली चोटें आईं।
वीडियो और वायरल प्रभाव
वीडियो किसी ग्रामीण ने शूट किया और व्हाट्सएप, फेसबुक व इंस्टाग्राम पर शेयर किया। अमर उजाला जैसे मीडिया हाउस ने इसे पहली बार कवर किया, जहां वीडियो में सरपंच की पहचान साफ है। वायरल होने से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है—स्थानीय लोग सरपंच के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर #BalrampurTalibaniSaza जैसे टैग्स से पोस्ट हो रही हैं, लेकिन एक्स पर अभी शांत। विशेषज्ञों का कहना है कि यह “खुदरा न्याय” का उदाहरण है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहा है।
चलगली थाना पुलिस ने 28 सितंबर को वीडियो के आधार पर जांच शुरू की। एसपी बैंकर वैभव रामलाल ने टीम गठित की है।
अभी तक FIR नहीं: पुलिस का कहना है कि पीड़ित का बयान लेने के बाद IPC धारा 323 (मारपीट), 506 (धमकी) और संभवतः SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज होगा।
जिला कलेक्टर ने सरपंच को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। यदि दोषी पाया गया, तो पंचायत राज अधिनियम के तहत निलंबन हो सकता है।
हेल्पलाइन: पीड़ित परिवार पुलिस हेल्पलाइन 112 पर संपर्क कर सकता है।
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