
Chhattisgarh में धान की फसल पर ब्राउन प्लांट हॉपर का हमला:
रायपुर, 29 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ के धान उत्पादक क्षेत्रों में ब्राउन प्लांट हॉपर (BPH) के हमले ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। यह कीट धान की फसल को चूसकर सूखा देता है, जिससे ‘हॉपर बर्न’ नामक स्थिति उत्पन्न होती है। राज्य में धान की खेती पर निर्भर लाखों किसानों के लिए यह खतरा गंभीर है, खासकर जब फसल की कटाई का समय नजदीक आ रहा है। हाल ही में रालिस इंडिया लिमिटेड ने BPH नियंत्रण के लिए नई कीटनाशक दवा ‘बेंजिला’ लॉन्च की है, जो छत्तीसगढ़ को पहला राज्य बनाकर लक्षित कर रही है।

हमले का विवरण और प्रभाव
ब्राउन प्लांट हॉपर एक छोटा, भूरा या पीला-भूरा कीट है जो धान के तने के निचले हिस्से पर हमला करता है। यह फसल के रस को चूस लेता है, जिससे पत्तियां पीली पड़ जाती हैं, पौधे मुरझा जाते हैं और बड़े पैमाने पर फसल सूख जाती है। गंभीर हमले में ‘हॉपर बर्न’ होता है, जहां खेतों में भूरी धब्बे दिखाई देते हैं और फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। छत्तीसगढ़ जैसे धान उत्पादक राज्य में, जहां धान की खेती मुख्य फसल है, यह कीट 10% से 90% तक उपज हानि पहुंचा सकता है।
इस साल मानसून की नमी और गर्मी भरी स्थितियों ने BPH के प्रजनन को बढ़ावा दिया है। किसानों का कहना है कि बस्तर, दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर जैसे जिलों में फसल के टिलरिंग से फूल आने के चरण में हमला तेज हो गया है। एक किसान ने बताया, “हमारी फसल 80-90 दिनों की हो चुकी है, लेकिन यह कीट ने आधे खेत को सूखा दिया। कटाई में देरी करने पर पूरा नुकसान हो जाएगा।” राज्य कृषि विभाग के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में उपज 20-30% तक कम हो सकती है, जो किसानों की आर्थिक स्थिति को और खराब करेगा।

नई दवा ‘बेंजिला’ का लॉन्च: एक उम्मीद
रालिस इंडिया लिमिटेड ने 25 सितंबर को ‘बेंजिला’ (सक्रिय तत्व: बेंजपाइरिमॉक्सन 15% + फिप्रोनिल 10%) लॉन्च की, जो जापान की नोह्याकू कंपनी के साथ साझेदारी में विकसित हुई है। यह दवा BPH के निम्फ और वयस्क दोनों चरणों पर हमला करती है, तथा IGR (इंसेक्ट ग्रोथ रेगुलेटर) तकनीक से लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करती है। कंपनी के COO एस. नागराजन ने कहा, “यह दवा छत्तीसगढ़ में पहली बार उपलब्ध है, और जल्द ही कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल तथा ओडिशा में फैलेगी।” किसानों को प्रति एकड़ 700-800 रुपये में उपलब्ध यह दवा फसल की उपज बढ़ाने में मदद करेगी।
नियंत्रण के उपाय: किसान क्या करें?
कृषि विशेषज्ञों ने तत्काल कार्रवाई की सलाह दी है। मुख्य सुझाव:
सांस्कृतिक उपाय: खेतों में खरपतवार हटाएं, धान की लगातार बुआई न करें। फसल चक्र अपनाएं और BPH प्रतिरोधी किस्में जैसे IR36 या स्वर्णा चुनें। खेत में 30 सेमी दूरी रखें और हर 2.5-3 मीटर पर खाली जगह बनाएं।
जैविक नियंत्रण: खेत में पानी की पतली परत बनाए रखें, लेकिन जलभराव न होने दें। नीलम तेल या न्यूवन का छिड़काव करें। प्राकृतिक शत्रु जैसे अंडे परजीवी को बढ़ावा दें।
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