
लाल चंदन तस्करी कांड: नागपुर से रायपुर तक फैला था तस्करी नेटवर्क, ईडी ने कुर्क की करोड़ों की संपत्ति
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लाल चंदन की अवैध तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो महाराष्ट्र के नागपुर से छत्तीसगढ़ के रायपुर तक फैला हुआ था। इस नेटवर्क के प्रमुख सदस्यों की करोड़ों रुपये कीमत की संपत्ति कुर्क कर ली गई है। यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह तस्करी का रैकेट न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सक्रिय था।

तस्करी का जाल: नागपुर से रायपुर तक का सफर
ईडी की जांच से पता चला है कि यह तस्करी नेटवर्क पिछले दो वर्षों से सक्रिय था। मुख्य आरोपी नागपुर के एक व्यापारी रामेश्वर सिंह थे, जो लाल चंदन की लकड़ी को अवैध रूप से काटकर रायपुर के माध्यम से अन्य राज्यों में भेजते थे। रायपुर में एक गोदाम स्थापित कर नेटवर्क ने स्थानीय माफिया के साथ मिलकर काम किया। सूत्रों के मुताबिक, तस्करों ने मध्य प्रदेश के जंगलों से चोरी की गई लकड़ी को ट्रकों में छिपाकर ले जाया जाता था। इस दौरान पुलिस की नाकाबंदी को चकमा देने के लिए नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता था।
ईडी ने छापेमारी के दौरान 15 टन से अधिक लाल चंदन जब्त किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह लकड़ी मुख्य रूप से मध्य पूर्व के देशों में सौंदर्य प्रसाधनों और दवाओं के लिए निर्यात की जाती थी।
ईडी की सख्त कार्रवाई: संपत्ति कुर्क, गिरफ्तारियां
प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को नागपुर और रायपुर में समन्वित छापे मारे, जिसमें नेटवर्क के पांच प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। कुर्क की गई संपत्तियों में रामेश्वर सिंह के नाम पर दर्ज दो लग्जरी कारें, एक फार्महाउस और बैंक खातों में जमा 8 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा, रायपुर के एक आरोपी की फैक्ट्री भी सील कर दी गई, जहां लकड़ी को प्रोसेस किया जाता था।
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