
भाटापारा: ग्राम सुहेला में दुर्गा पंडाल के पास युवक की हत्या, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
भाटापारा, 28 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ के भाटापारा के निकट ग्राम सुहेला में नवरात्रि की धूम के बीच एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। दुर्गा पंडाल के ठीक आसपास एक युवक की निर्मम हत्या कर दी गई, जिससे न केवल ग्रामीणों में दहशत फैल गई, बल्कि स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

घटना का विवरण: पंडाल के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव
घटना कल रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है, जब सुहेला ग्राम के मुख्य दुर्गा पंडाल में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। पूजा-अर्चना और गरबा की धुनों के बीच अचानक एक युवक का खून से सना शव पंडाल के बगल वाली गली में पाया गया। मृतक की पहचान 28 वर्षीय राजेश साहू के रूप में हुई है, जो स्थानीय ही निवासी था और पेशे से किसान था।
आंखों देखी के अनुसार, राजेश शाम को ही पंडाल पहुंचा था और वहां अपने कुछ मित्रों के साथ नवरात्रि का आनंद ले रहा था। लेकिन रात गहराते ही वह अचानक गायब हो गया। जब दोस्तों ने उसकी तलाश की, तो गली के कोने में उसका शव पड़ा मिला। गले पर चाकू के गहरे घाव के निशान साफ दिखाई दे रहे थे, जो हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, और भाटापारा थाने की टीम मौके पर पहुंची।
संदिग्धों पर शिकंजा: पुरानी दुश्मनी हो सकती है वजह?
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में कुछ महत्वपूर्ण सुराग हासिल किए हैं। मृतक के मोबाइल फोन से मिले मैसेजेस से पता चला है कि राजेश की कुछ स्थानीय गुटों से दुश्मनी चल रही थी। सूत्रों के अनुसार, यह हत्या पुरानी रंजिश का नतीजा हो सकती है, जो पंचायत चुनाव के दौरान शुरू हुई थी। पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है, जिन्हें पूछताछ के लिए ले जाया गया है। एसपी ने बताया कि फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
“हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। जल्द ही अपराधियों को सलाखों के पीछे डाल दिया जाएगा,” पुलिस अधीक्षक ने संवाददाताओं से कहा। हालांकि, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है।
सुरक्षा पर सवाल: नवरात्रि में भारी भीड़, लेकिन नाकाफी पहरेदारी
इस घटना ने सुहेला और आसपास के गांवों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। नवरात्रि जैसे प्रमुख त्योहार में दुर्गा पंडालों पर भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन स्थानीय प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्था नाकाफी साबित हुई। पंडाल के आसपास मात्र दो-चार पुलिसकर्मी तैनात थे, जबकि अंधेरी गलियों में कोई लाइटिंग या पैट्रोलिंग का इंतजाम नहीं था।
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