
15 साल से लापता BSP कर्मी की पत्नी को राहत: High Court का बड़ा फैसला
हाईकोर्ट ने 15 साल से लापता भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के कर्मचारी की पत्नी को बड़ी राहत दी है। अदालत ने आदेश दिया है कि चूंकि कर्मचारी सात साल से अधिक समय से लापता है और उसके बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है, इसलिए उसे कानूनी रूप से मृत माना जाएगा।
हाईकोर्ट का निर्णय
हाईकोर्ट के जस्टिस संजय के. अग्निवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्निवाल की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने सेल और बीएसपी की याचिका को खारिज करते हुए लापता कर्मचारी की पत्नी के पक्ष में निर्णय दिया।

आदेश में क्या कहा गया
•लापता कर्मचारी की पत्नी को तीन महीने के भीतर बकाया वेतन का भुगतान किया जाए।
•उसे फैमिली पेंशन, ग्रेच्युटी और लीव एन्कैशमेंट की राशि दी जाए।
•अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सात साल से अधिक समय तक लापता रहने पर और उसके बारे में कोई सूचना न मिलने पर कर्मचारी को मृत मानना ही कानूनन उचित है।

मामला
•मामला भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के एक सीनियर टेक्नीशियन से जुड़ा है, जो 15 साल पहले लापता हो गया था।
•लंबे समय तक कंपनी की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिसके कारण पत्नी को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा था।
•आखिरकार पत्नी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जहां से उसे राहत मिली।
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