
Jabalpur पंडाल बना मौत का कारण
20 खंभों में करंट, कई जगहों पर कटे थे तार – दो मासूमों की गई जान
जबलपुर में दुर्गोत्सव के दौरान पंडालों में अव्यवस्थित विद्युत सज्जा और अवैध बिजली कनेक्शन ने बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया है। पिछले चार दिनों में दो बच्चों सहित तीन लोगों की मौत करंट लगने से हो चुकी है।

हादसे का कारण
आयोजकों ने पंडालों को रोशन करने के लिए टीसी (टेम्परेरी कनेक्शन) तो लिए, लेकिन यह केवल दिखावे के लिए थे। वास्तव में चोरी की बिजली से पंडाल जगमगा रहे थे। लोहे के पाइपों पर सजाई गई झालरों को जलाने के लिए कई जगहों से सीधे कनेक्शन दिए गए थे। नंगे तार बिना टेप के खुले पड़े थे और कई खंभों में करंट दौड़ रहा था।
बरेला हिल्स की पीएचई कॉलोनी में सजी झांकी के पास भी यही लापरवाही मौत का कारण बनी, जहां दो मासूम बच्चे — आयुष झारिया और वेद श्रीवास करंट की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
विद्युत सुरक्षा विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 25 टीमों को तैनात किया है। जांच में पाया गया कि लगभग 20 खंभों में करंट फैला हुआ था और कई जगहों पर बिजली के तार कटे हुए थे। इसके बावजूद आयोजकों ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर पंडालों को बिजली से रोशन किया।
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