
Bilaspur में मीनाक्षी ट्रेडर्स के संचालकों के ठिकानों पर ED की दबिश, जांच जारी
बिलासपुर, 26 सितंबर 2025: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मीनाक्षी ट्रेडर्स के संचालकों के कई ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की। मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के तहत चली इस कार्रवाई में ED की टीमों ने दस्तावेज जब्त किए और कई लोगों से पूछताछ की। जांच अभी जारी है, और इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

ED की छापेमारी का विवरण
ED की विशेष टीमों ने सुबह साढ़े छह बजे से ही मीनाक्षी ट्रेडर्स के प्रमुख संचालकों- रामेश्वर साहू, उनकी पत्नी मीना साहू और अन्य सहयोगियों के आवासों तथा कार्यालयों पर दबिश दी। बिलासपुर शहर के व्यस्त इलाकों जैसे गोठानपारा और पुराना बिलासपुर में ये कार्रवाइयां अंजाम दी गईं। सूत्रों के अनुसार, टीमों ने कंप्यूटर, लैपटॉप, बैंक दस्तावेज और नकदी के लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड बरामद किए हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि कंपनी ने अवैध स्रोतों से प्राप्त धन को वैध बनाने का प्रयास किया था।” छापेमारी के दौरान कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन संचालकों को पूछताछ के लिए ED कार्यालय बुलाया गया है।
मीनाक्षी ट्रेडर्स पर लगे आरोप
मीनाक्षी ट्रेडर्स एक स्थानीय व्यापारिक फर्म है, जो मुख्य रूप से कृषि उत्पादों, उर्वरकों और रसायनों के आयात-निर्यात का काम करती है। कंपनी पर आरोप है कि यह पिछले तीन वर्षों से कालाधन को सफेद धन में बदलने का जरिया बनी हुई थी। आयकर विभाग की एक पुरानी जांच के आधार पर ED ने यह केस अपने हाथ में लिया था।
जांच एजेंसी के अनुसार, फर्म ने फर्जी बिलों के माध्यम से करोड़ों रुपये का लेन-देन किया, जिसमें सरकारी सब्सिडी का दुरुपयोग भी शामिल है। एक अनुमान के मुताबिक, मामले की कुल राशि 50 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। कंपनी के संचालकों ने इन आरोपों को सिरे से नकारा है और कहा है कि यह राजनीतिक साजिश का हिस्सा है।
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