
Chhattisgarh पुलिस की बड़ी कार्रवाई: निवेश के नाम पर 49.50 लाख की ठगी, ओडिशा से फरार आरोपी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में आर्थिक अपराध के खिलाफ पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए एक फरार आरोपी को ओडिशा के संबलपुर से गिरफ्तार किया है। मामला नेवई थाना क्षेत्र का है, जहां आरोपी ने एमसीएक्स कंपनी के नाम पर लोगों को निवेश का लालच देकर कुल 49.50 लाख रुपये की ठगी की थी। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से प्रभावित निवेशकों को राहत मिली है और आर्थिक धोखाधड़ी के खिलाफ राज्य पुलिस की सक्रियता एक बार फिर सामने आई है।
यह गिरफ्तारी हाल ही में रायगढ़ और रायपुर में हुई अन्य घटनाओं के बीच आई है, जहां पुलिस ने झगड़ालू तत्वों और हमलों पर भी कड़ी कार्रवाई की। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में ऐसी ठगियां बढ़ रही हैं, इसलिए जागरूकता और जांच महत्वपूर्ण हैं।

ठगी का पूरा मामला: एमसीएक्स के नाम पर झांसा, करोड़ों का नुकसान
प्रकरण की शुरुआत तब हुई जब नेवई थाना क्षेत्र के निवासी योगेश कुमार साहू ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि आरोपी संतोष आचार्य और प्रकाश चंद पाढ़ी ने एमसीएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) कंपनी के नाम पर निवेश का झांसा दिया। आरोपियों ने प्रतिमाह 3 से 7 प्रतिशत लाभांश का आकर्षक वादा किया और निवेश की ‘गारंटी’ के लिए बांड पेपर भी उपलब्ध कराए।

शुरुआत में आरोपियों ने निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए समय-समय पर कुछ रकम लौटाई, जिससे योजना में और लोग जुड़ते गए। धीरे-धीरे निवेश की राशि करोड़ों तक पहुंच गई, लेकिन जुलाई-अगस्त 2024 से आरोपी भुगतान टालने लगे। निवेशकों द्वारा बार-बार रकम वापसी की मांग पर उन्होंने अक्टूबर के अंत तक भुगतान का भरोसा दिलाया, लेकिन वादा पूरा न होने पर ठगी का पर्दाफाश हो गया। जांच में कुल 49.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की पुष्टि हुई।
आरोपियों ने निवेशकों के भरोसे और लालच का फायदा उठाकर बड़ी रकम हड़प ली। स्थानीय निवासी बताते हैं कि आरोपी लंबे समय से ऐसी गतिविधियों में लिप्त थे और कई परिवारों को बर्बाद कर चुके थे।
पुलिस की जांच और गिरफ्तारी: तकनीकी मदद से संबलपुर से पकड़ा फरार
शिकायत दर्ज होने के बाद दुर्ग पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। थाना नेवई की टीम ने विस्तृत जांच शुरू की, जिसमें सबूत जुटाए गए। जांच के दौरान सामने आया कि मुख्य आरोपी संतोष कुमार आचार्य और सह-आरोपी प्रकाश चंद पाढ़ी इस ठगी के सूत्रधार थे। संतोष आचार्य पहले ही संबलपुर, ओडिशा में गिरफ्तार होकर जेल भेजा जा चुका था, जबकि प्रकाश चंद पाढ़ी फरार चल रहा था।
पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल ट्रेल और मुखबिर तंत्र की मदद से पाढ़ी की लोकेशन ट्रैक की। नेवई थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कमल सिंह सेंगर के नेतृत्व में आरक्षक रवि बिसाई और हेमंत नेताम की टीम ने संबलपुर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को दुर्ग लाकर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के मामले बढ़ रहे हैं, जहां ठग सोशल मीडिया और लोकल नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी निवेश से पहले कंपनी की वैधता, आरबीआई या सेबी पंजीकरण की जांच करें। असामान्य लाभ का वादा करने वाली योजनाओं से सावधान रहें और संदिग्ध मामलों में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
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