
Semiconductor : भारत के तकनीकी भविष्य की चाल
भारत ने अपनी तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। देश ने पहला स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप, विक्रम 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर लॉन्च किया है, जो भारतीय डिज़ाइन और निर्माण क्षमता का प्रतीक है।

🔹 76,000 करोड़ रुपये का निवेश
- सेमीकंडक्टर क्षेत्र में ₹76,000 करोड़ का बड़ा निवेश किया गया है। यह निवेश मुख्यतः निम्नलिखित क्षेत्रों में उपयोग हो रहा है:
- फैब्स (Chip fabrication units)
- डिज़ाइन हब्स
- 10 नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स
इससे भारत में चिप निर्माण और डिज़ाइन में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा में हिस्सेदारी सुनिश्चित होगी।
🔹 OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) क्षमता में वृद्धि
OSAT क्षमता में 45% की वृद्धि हुई है।
6 नए एडवांस्ड पैकेजिंग और टेस्टिंग सुविधाएं शुरू की गई हैं।
इससे न केवल चिप निर्माण की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि वैश्विक चिप सप्लाई चेन में भारत की भूमिका भी मजबूत होगी।

🔹 वैश्विक चिप रेस में भारत
इन प्रयासों के जरिए भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर रेस में अपनी जगह बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भविष्य में स्वदेशी चिप्स का उपयोग स्मार्टफोन, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल और रक्षा तकनीक सहित कई क्षेत्रों में होगा।
भारत का यह कदम न केवल तकनीकी स्वतंत्रता को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि देश की आर्थिक और रणनीतिक ताकत को भी मजबूत कर रहा है।
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