
सरस्वती Cycle योजना में खराबी का नया मामला
गरियाबंद, 25 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ सरकार की सरस्वती साइकिल योजना, जो कक्षा 9वीं की अनुसूचित जाति, जनजाति और बी.पी.एल. परिवार की छात्राओं को साइकिल वितरण के माध्यम से शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण कदम है, इस बार गंभीर समस्या का सामना कर रही है।
🔹 योजना का उद्देश्य
सरस्वती साइकिल योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा मिले और उन्हें शिक्षा से जोड़े रखने में मदद मिल सके। राज्य सरकार ने इसके तहत छात्राओं को निःशुल्क साइकिल प्रदान की हैं, जिससे स्कूल की दूरी तय करना आसान हो और लड़कियों की पढ़ाई में बाधा न आए।

🔹 मामला – साइकिलें कबाड़ में हो रही खराब
तहसील मुख्यालय मैनपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के मैदान में ठेकेदार द्वारा तैयार की गई साइकिलों को खुले में रखा गया है।
भारी बारिश और खुले आसमान के संपर्क में आने के कारण साइकिलों के कलपुर्ज़ जंग लगा चुके हैं, कुछ हिस्से टूट-फूट के कगार पर हैं।
अधिकारियों के अनुसार, तैयार साइकिलें और कलपुर्ज़ खुले मैदान में डंप किए गए, जिससे उनकी गुणवत्ता प्रभावित हुई है।
🔹 पिछले वर्ष की स्थिति
यह पहला मौका नहीं है जब छात्राओं को जंग लगी साइकिलें प्राप्त हुई हैं।
पिछले सत्र में भी कई छात्राओं को खराब साइकिलें मिली थीं, जिन्हें उन्हें खुद मरम्मत कराने की जरूरत पड़ी थी।
इस तरह की स्थिति से योजना का मकसद अधूरा रह जाता है और छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होती है।
🔹 ठेकेदार और प्रशासन की भूमिका
- साइकिलों को खुले में रखने का जिम्मा ठेकेदार और संबंधित विभाग का है।
- ठेकेदार की लापरवाही के कारण न केवल साइकिलों का नुकसान हो रहा है बल्कि छात्राओं का भरोसा भी कम हो रहा है।
- प्रशासन को सुनिश्चित करना चाहिए कि साइकिलें सुरक्षित और गुणवत्ता पूर्ण तरीके से वितरित हों।
🔹 छात्रों और अभिभावकों की चिंता
छात्राओं और उनके अभिभावकों का कहना है कि खराब साइकिलें सुरक्षा और सुविधा दोनों पर असर डालती हैं।
कई छात्राओं को साइकिल की मरम्मत कराना पड़ रहा है, जो उनके लिए अतिरिक्त खर्च और समय की हानि का कारण बन रहा है।
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