
Dhamtari : 2007 भर्ती फर्जीवाड़ा Case : न्यायालय का कड़ा रुख
धमतरी (मगरलोड): जनपद पंचायत मगरलोड में वर्ष 2007 में हुई शिक्षाकर्मी वर्ग-3 भर्ती में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के मामले ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। इस फर्जीवाड़ा प्रकरण में 100 से अधिक आरोपी शामिल बताए जा रहे हैं, जिनमें शिक्षाकर्मियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं।
लंबे समय बाद हुई कार्रवाई
कई सालों से लंबित इस केस में अब जाकर आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू हुई है। हालांकि कई आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की अर्जी दाखिल कर रहे हैं।
न्यायालय का सख्त फैसला
मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामकुमार तिवारी ने एक सहायक संचालक और 5 शिक्षाकर्मियों की अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
जिनकी जमानत याचिका खारिज हुई
शिवकुमार सोनी, तत्कालीन महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी (वर्तमान में सहायक संचालक, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर)
शिक्षाकर्मी: पीतांबर लाल, लैलम सिंह ध्रुव, ईश्वरी निर्मलकर, हेमंत कुमार साहू, विद्या साहू

RTI कार्यकर्ता की भूमिका
आरटीआई कार्यकर्ता कृष्णकुमार साहू ने कोर्ट में उपस्थित होकर जमानत याचिकाओं का विरोध किया। उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई थी और आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए।
बचाव पक्ष की दलीलें खारिज
बचाव पक्ष के वकीलों ने जमानत देने के लिए अपनी दलीलें रखीं, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सभी तर्कों को खारिज कर दिया।
⚖️ अदालत का यह फैसला संकेत देता है कि भ्रष्टाचार के इस बड़े मामले में अब सख्ती बढ़ सकती है और आने वाले दिनों में अन्य आरोपियों पर भी कानूनी शिकंजा कस सकता है।
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