
Korba में पूर्व गृह मंत्री के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन, जिला कलेक्टर पर भ्रष्टाचार के आरोप
25 सितंबर 2025,
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने जिला कलेक्टर अजीत वसंत पर भ्रष्टाचार और संवैधानिक अधिकारों के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कलेक्टर को ‘हिटलर’ करार दिया है और कहा है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वे धरना-प्रदर्शन और बड़े आंदोलन का रुख अपनाएंगे। इस विवाद ने स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।

विवाद की पृष्ठभूमि
पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर, जो भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता हैं, ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को चार पन्नों का एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कलेक्टर अजीत वसंत की कई कार्रवाइयों को लेकर नाराजगी जताई है। कंवर का आरोप है कि कलेक्टर ने अपने पद का दुरुपयोग कर जिले में कई परियोजनाओं और सरकारी योजनाओं में अनियमितताएं की हैं।उन्होंने दावा किया है कि कलेक्टर की इन कार्रवाइयों से स्थानीय लोग त्रस्त हैं और जिले में भ्रष्टाचार का बोलबाला हो गया है।
कंवर ने पत्र में कलेक्टर को ‘हिटलर प्रशासक’ बताते हुए कहा कि वे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से तत्काल जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों में कलेक्टर के खिलाफ एक्शन नहीं लिया गया, तो वे अपने समर्थकों के साथ सड़कों पर उतरेंगे। यह अल्टीमेटम 22 सितंबर 2025 को जारी किया गया था, और अब जिले में तनावपूर्ण माहौल है।
विरोध प्रदर्शन की योजना
पूर्व मंत्री ने स्पष्ट कहा है कि वे कलेक्टर को हटाने के लिए धरने पर बैठेंगे। उनके समर्थक, मुख्य रूप से आदिवासी समुदाय से जुड़े लोग, पहले से ही इस मुद्दे पर एकजुट हो रहे हैं। कंवर ने कहा कि यह आंदोलन केवल उनके व्यक्तिगत मुद्दे नहीं, बल्कि जिले के विकास और पारदर्शिता के लिए है। यदि सरकार ने ध्यान नहीं दिया, तो यह विरोध प्रदर्शन बड़े स्तर पर फैल सकता है, जिसमें चक्काजाम और रैलियां शामिल हो सकती हैं।

यह पहली बार नहीं है जब ननकीराम कंवर ने प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोला हो। पहले भी वे स्थानीय मुद्दों पर IAS अधिकारियों से टकरा चुके हैं। इसी तरह, कोरबा में पहले भी आदिवासी समुदाय ने कलेक्टर की पूजा कर विरोध प्रदर्शन किया था, जहां सड़क, बिजली और पानी की मांग की गई थी।लेकिन इस बार का विवाद भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा होने के कारण अधिक गंभीर है।
कलेक्टर अजीत वसंत का पक्ष
कोरबा के कलेक्टर अजीत वसंत, जो 2013 बैच के IAS अधिकारी हैं, मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। उन्हें जनवरी 2024 में कोरबा का कलेक्टर बनाया गया था। उनके कार्यकाल में जिले में कई विकास परियोजनाएं शुरू हुई हैं, लेकिन विपक्षी नेता उन्हें ‘कठोर प्रशासक’ बता रहे हैं। कलेक्टर ने अभी तक आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन जिला प्रशासन ने कहा है कि सभी कार्रवाइयां कानूनी और पारदर्शी हैं।
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