
Ladakh हिंसा पर पूर्व DGP का बड़ा खुलासा: ‘Gen-Z को गुमराह करने की राजनीतिक साजिश’
लेह में हाल ही में भड़की हिंसा पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) एसपी वैद ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह घटनाक्रम महज़ युवाओं की हताशा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश का नतीजा है।

🔹 सोनम वांगचुक पर निशाना
लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इसी बीच, हिंसा की घटनाओं ने हालात और बिगाड़ दिए।
वैद ने आरोप लगाया कि वांगचुक के बयानों में नेपाल और अरब स्प्रिंग जैसी संदर्भों का ज़िक्र करना युवाओं को उकसाने की कोशिश थी। उन्होंने कहा कि अगर उनकी टिप्पणियों ने हिंसा को हवा दी है तो उन पर जन सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
🔹 ‘हिंसा का समय संदिग्ध’
पूर्व DGP ने हिंसा के समय को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा:
“भारत सरकार और लद्दाख नेतृत्व के बीच 6 अक्टूबर को बातचीत तय थी। इसके अलावा 25 या 26 सितंबर को भी संवाद होने वाला था। फिर भी 24 तारीख को हिंसा क्यों भड़की? इससे किसे फायदा हुआ, यह स्पष्ट होना चाहिए।”
उन्होंने चार मौतों, दर्जनों घायलों और बड़े पैमाने पर संपत्ति नुकसान की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
🔹 भाजपा और सुरक्षा बलों पर हमला
वैद ने हिंसा को पूरी तरह सुनियोजित बताया। उनके मुताबिक:
- भाजपा कार्यालय और हिल काउंसिल को आग के हवाले किया गया।
- सीआरपीएफ वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को निशाना बनाया गया।
- कांग्रेस द्वारा पथराव और बंद का समर्थन इस साजिश का हिस्सा दिखता है।

🔹 ‘युवाओं को गुमराह किया जा रहा है’
पूर्व DGP ने कहा कि लद्दाख के युवाओं को यह समझाया गया कि वे किसी “नेक काम” के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन असल में उनका इस्तेमाल राजनीतिक ताकतें कर रही हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा:
“लद्दाख के युवाओं का शोषण हो रहा है। वे गुमराह हैं और हिंसा की कीमत उन्हें व पूरे समाज को चुकानी पड़ रही है।”
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