
स्टंटबाजी करने वालों की 17 कारें जब्त, सभी गाड़ी मालिकों पर FIR
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सड़क स्टंटबाजी और सोशल मीडिया रील्स के नाम पर हाईवे जाम करने के मामलों में सख्त रुख अपनाया है।

23 सितंबर 2025 (मंगलवार) को बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव ने शपथ पत्र दाखिल किया, जिसमें मस्तूरी रोड पर देर रात 17 कारों से स्टंटबाजी के मामले में की गई कार्रवाई का विवरण दिया गया। कोर्ट के निर्देश पर 17 कारें जब्त कर ली गई हैं, सभी गाड़ी मालिकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, और उनके ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जब्त कारों को कोर्ट की अनुमति के बिना रिलीज नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के पिछले आदेश का पालन है, जो स्टंटबाजी को “सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा” मानते हुए लिया गया था।
मस्तूरी रोड स्टंटबाजी मामला: पृष्ठभूमि और कार्रवाई
मामला 20 सितंबर 2025 को सामने आया, जब बिलासपुर के मस्तूरी रोड पर लवर गांव के पास एक फार्महाउस में युवकों ने 17-18 लग्जरी कारों से खतरनाक स्टंट किए और रील्स बनाईं। वीडियो वायरल होने पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने पुलिस की कार्रवाई को “दिखावा” बताते हुए मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने कहा था कि स्टंटबाजी करने वाले अमीरों के सामने पुलिस “नख-दंतहीन बाघ” बन जाती है, जबकि आम लोगों पर सख्ती करती है।
मुख्य सचिव के शपथ पत्र के अनुसार:
17 कारें मस्तूरी पुलिस ने जब्त कीं।
सभी मालिकों पर मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं के तहत FIR दर्ज।
लाइसेंस निरस्त करने के लिए ट्रांसपोर्ट विभाग को निर्देश।
कोर्ट ने दोहराया कि जब्त वाहन बिना अनुमति नहीं छूटेंगे।
यह मामला दैनिक भास्कर और हरिभूमि जैसे अखबारों की रिपोर्ट पर आधारित था, जहां वीडियो में युवक कारों को जाम कर स्टंट करते दिखे।
रतनपुर बाइपास पर तलवार से बर्थडे केक काटने का मामला: 15 गिरफ्तार
हाईकोर्ट की सुनवाई में एक अन्य वायरल वीडियो पर भी चर्चा हुई, जहां रतनपुर बाइपास (बिलासपुर-कोरबा नेशनल हाईवे) पर रानीगांव के पास सर्विस रोड पर 15 युवकों ने 21 सितंबर 2025 (शनिवार) रात को तलवार लहराकर जन्मदिन मनाया। स्कूटी पर चार केक रखे गए, और बर्थडे बॉय ने तलवार से केक काटा। पटाखे फोड़े, डायलॉगबाजी की और रील्स बनाकर इंस्टाग्राम पर वायरल किया। इस जश्न से सड़क जाम हो गई।

शासन की ओर से बताया गया:
15 युवकों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 9 नाबालिग और 6 बालिग शामिल।
आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत केस दर्ज।
तलवार और इस्तेमाल की गई गाड़ियां जब्त।
गिरफ्तार नाम: निहाल (वाहन चालक), आकाश श्रीवास्तव, पवन यादव, आदर्श भेड़िया, प्रियांशु बकसेल, लक्ष्य कुबरागड़े, लक्षम दास, साहिल बेरिया, कृष तिवारी, शुभम दुबे, अमिन श्रीवास्तव, मोनू गुप्ता, विवेक शर्मा, रिंकू श्रीवास्तव, सत्यजीत केशरवानी, चीकू सोनी, सुशांत सोनी। (कुछ नामों में दोहराव संभव, कुल 15)।
नाबालिगों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड भेजा गया।
कोर्ट ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की, लेकिन चेतावनी दी कि सोशल मीडिया के नाम पर सड़क गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं। यह घटना मस्तूरी मामले के एक दिन बाद हुई, जिससे हाईकोर्ट ने पुलिस को सख्ती बरतने का निर्देश दिया।
हाईकोर्ट की टिप्पणियां
चीफ जस्टिस ने कहा, “ये घटनाएं सड़क सुरक्षा को खतरे में डाल रही हैं। पुलिस अमीरों के सामने कमजोर न बने।” कोर्ट ने मुख्य सचिव से आगे की रिपोर्ट मांगी है। यह मामला छत्तीसगढ़ में बढ़ती स्टंटबाजी को रोकने का प्रयास है, जहां वायरल वीडियो के चक्कर में युवा सड़क जाम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी निगरानी बढ़ानी चाहिए।
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