
प्रेम प्रसंग का अनोखा मामला: आधी रात शादीशुदा प्रेमिका से मिलने पहुंचा प्रेमी, घरवालों ने पकड़ा
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक शादीशुदा प्रेमी-प्रेमिका के प्रेम प्रसंग ने ग्रामीण समाज की परंपराओं को नया मोड़ दे दिया। आधी रात को प्रेमिका के ससुराल में चुपके से घुसा प्रेमी रंगे हाथों पकड़ा गया, पिटाई हुई, लेकिन अंत में गांव की पंचायत ने दोनों को एक-दूसरे के सुपुर्द कर दिया। यह घटना न केवल सामाजिक न्याय की एक मिसाल बनी, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल होकर चर्चा का विषय भी बन गई। दोनों पक्षों ने पुलिस में कोई शिकायत नहीं की, जो ग्रामीण स्तर पर सुलह-समझौते की ताकत को दर्शाती है।

घटना का विवरण: आधी रात का सरप्राइज जो पड़ा महंगा
घटना 22 सितंबर 2025 की रात की है, जब सूरजपुर जिले के ग्राम तेलईकछार निवासी एक शादीशुदा युवक (नाम गोपनीय) अपनी पुरानी प्रेमिका से मिलने के लिए सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पुहपुटरा पहुंचा। प्रेमिका भी शादीशुदा है और अपने ससुराल में रह रही थी। दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध चल रहे थे, लेकिन रात के अंधेरे में यह मुलाकात परिवार की नजरों से छिपाने की कोशिश में बदल गई।
युवक चुपके से घर में घुसा, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। प्रेमिका के परिजनों को शक हो गया और उन्होंने तुरंत युवक को पकड़ लिया। इसके बाद गांववालों को बुलाया गया, और प्रेमी-प्रेमिका दोनों के हाथ-पैर बांध दिए गए। युवक की जमकर पिटाई की गई, जबकि प्रेमिका को भी डांटा-फटकारा गया। यह दृश्य इतना डरावना था कि पूरा गांव जुट गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवक को डंडों से पीटा जा रहा है, और प्रेमिका रोते हुए गुहार लगा रही है।
पंचायत का फैसला: प्रेम को मिली मंजूरी, लेकिन शर्तों के साथ
पिटाई के बाद मामला और तूल पकड़ गया। गांव के बुजुर्गों ने तुरंत एक सामाजिक दरबार (पंचायत) बुलाई। पंचायत में दोनों पक्षों को बुलाया गया और प्रेमी-प्रेमिका से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान प्रेमिका ने खुलकर कहा कि वह युवक के साथ ही रहना चाहती है। इस बयान ने पंचायत को प्रभावित किया।
अंत में, पंचायत ने आपसी सहमति से फैसला सुनाया कि प्रेमिका को उसके प्रेमी के सुपुर्द कर दिया जाए। दोनों को एक साथ रहने की इजाजत दे दी गई, लेकिन सामाजिक दबाव में यह फैसला लिया गया। पंचायत के सदस्यों ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचें, वरना सख्त कार्रवाई होगी। यह फैसला ग्रामीण समाज में प्रचलित ‘सामाजिक न्याय’ की परंपरा को दर्शाता है, जहां कानूनी प्रक्रिया से पहले ही विवाद सुलझा लिया जाता है।

पुलिस की भूमिका: मौके पर पहुंचे, लेकिन कोई केस दर्ज नहीं
घटना की जानकारी मिलते ही लखनपुर थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और दोनों पक्षों से बात की। हालांकि, न तो प्रेमी के परिवार ने और न ही प्रेमिका के ससुराल वालों ने कोई लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला सामाजिक समझौते के रूप में बंद कर दिया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि कोई विवाद बढ़े तो कानूनी कार्रवाई होगी।
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