
Chaitanya baghel की गिरफ्तारी: छत्तीसगढ़ आबकारी घोटाले में नया खुलासा
रायपुर: छत्तीसगढ़ में एक्साइज घोटाले से जुड़े एक बड़े मामले में नया मोड़ आ गया है। रायपुर सेंट्रल जेल में कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चेतन्य बघेल को रविवार, 24 सितंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के पीछे एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) की विशेष कोर्ट की ओर से जारी वारंट और अदालत के आदेश शामिल हैं। इस मामले में चेतन्य बघेल पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें अवैध शराब के कारोबार और सरकारी कोष में धोखाधड़ी शामिल है।

गिरफ्तारी की प्रक्रिया और आरोप
चेतन्य बघेल की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुक्रवार, 22 सितंबर 2025 को शुरू हुई, जब विशेष कोर्ट ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, एसीबी और ईओडब्ल्यू ने इस घोटाले में उनकी संलिप्तता के सबूत जुटाए हैं। आरोप है कि चेतन्य ने अपने पिता के प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए अवैध शराब के कारोबार में शामिल होकर सरकारी नीतियों का उल्लंघन किया। इस मामले में कई अन्य लोगों की भी जांच चल रही है, जिनमें कुछ सरकारी अधिकारी और व्यापारी शामिल हैं।
अदालत का फैसला और सुनवाई
गिरफ्तारी के बाद चेतन्य बघेल को रविवार को विशेष कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 24 सितंबर तक के लिए हिरासत में भेज दिया। अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को तेज करने का आदेश दिया है। साथ ही, यह भी मांग की गई है कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच भी पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए। विशेष कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
इस घटना ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों ने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है, जबकि शासक दल का कहना है कि यह कार्रवाई नियमों के अनुसार की गई है। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं और चेतन्य की रिहाई की मांग की है। दूसरी ओर, आम जनता में इस घटना को लेकर अलग-अलग राय हैं, कुछ इसे सही कदम मान रहे हैं तो कुछ इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं।
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