
Chhattisgarh:कबीरधाम: नौ साल बाद महाराष्ट्र से गिरफ्तार हुआ ठग
कबीरधाम: नौ साल बाद महाराष्ट्र से गिरफ्तार हुआ ठग, 1440 निवेशकों से ठगे थे 1.84 करोड़ रुप छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में एक लंबे समय से फरार ठग को पुलिस ने आखिरकार महाराष्ट्र से दबोच लिया। नौ साल पहले 1440 निर्दोष निवेशकों को चिटफंड स्कीम के नाम पर 1.84 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले आरोपी पंचू पनधारे को गोंदिया जिले से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी न केवल पीड़ितों के लिए न्याय की उम्मीद जगाती है, बल्कि अपराधियों को चेतावनी भी देती है कि कानून की नजर से कोई नहीं बच सकता।

ठगी का खेल: चिटफंड स्कीम का जाल बिछाया
घटना 2016 की है, जब आरोपी पंचू पनधारे ने भोरमदेव थाना क्षेत्र में एक चिटफंड योजना का जाल बिछाया। पनधारे ने निवेशकों को आकर्षक रिटर्न का लालच देकर पैसे इकट्ठा किए। योजना के तहत लोग छोटी-छोटी रकम जमा करने लगे, लेकिन जब मुनाफा देने का समय आया तो आरोपी फरार हो गया। पीड़ितों की संख्या 1440 तक पहुंच गई और कुल ठगी की राशि 1.84 करोड़ रुपये हो गई।
शिकायत के बाद थाना भोरमदेव में अपराध क्रमांक 75/16 के तहत धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात), 34 आईपीसी, साथ ही इनामी चिटफंड एवं धन परिचालन अधिनियम की धारा 3, 4, 5 तथा छत्तीसगढ़ निक्षेपों के हितों का संरक्षण अधिनियम की धारा 10 के तहत मामला दर्ज हुआ। आरोपी पंचू पनधारे पिता मोतीराम पनधारे, जो मूल रूप से ग्रामीण इलाके का निवासी है, तब से ही भूमिगत था।
नौ साल की तलाश: कई राज्यों में छापेमारी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए नौ साल से लगातार प्रयास जारी थे। कबीरधाम पुलिस की विशेष टीम ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों में छापेमारी की। तकनीकी साधनों का सहारा लिया गया, जिसमें साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एएसआई तेजलाल निषाद, आरक्षक आकाश राजपूत तथा साइबर सेल प्रभारी महेश प्रधान की अगुवाई में बनी टीम ने गुप्त सूचनाओं के आधार पर गोंदिया जिले में दबिश दी।
आरोपी वहां छिपा हुआ था और नया जीवन शुरू करने की कोशिश कर रहा था। पूछताछ में उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने उसके पास से कुछ दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद किए, जो ठगी के नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।



