
Bharat में नवाचार और Startup की उड़ान: 11 साल में कुछ से लाखों Startup तक का सफर
नई दिल्ली, 23 सितम्बर 2025: भारत का नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम पिछले एक दशक में ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बना है। जहाँ 11 साल पहले देश में गिने-चुने स्टार्टअप्स थे, वहीं आज लाखों स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं। यह न केवल आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभा रहे हैं बल्कि भारत को वैश्विक मंच पर नवाचार का प्रमुख केंद्र भी बना रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (@dpradhanbjp) ने बताया कि भारत की ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में तेजी से हुई प्रगति कोई संयोग नहीं, बल्कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (@narendramodi) की दूरदृष्टि और नीतिगत पहलों का परिणाम है।
नवाचार बना राष्ट्रीय प्राथमिकता
साल 2014 से प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार नवाचार को भारत के भविष्य की रीढ़ माना है। इसी दृष्टि से कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की गईं। इनमें सबसे अहम है अटल इनोवेशन मिशन (AIM), जिसने युवाओं, छात्रों और पेशेवरों को नई सोच और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित किया।

कुछ प्रमुख पहलें इस प्रकार हैं:
- स्टार्टअप इंडिया मिशन (2016): कर छूट, आसान नियम और वित्तीय सहयोग।
- डिजिटल इंडिया अभियान: डिजिटल ढांचे को मजबूत कर तकनीकी नवाचार को बढ़ावा।
- मेक इन इंडिया: स्वदेशी उत्पादन और उत्पाद विकास को प्रोत्साहन।
- फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स (FFS): शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता।
यूनिकॉर्न्स का उभार
- भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की सफलता का सबसे बड़ा संकेत है यूनिकॉर्न्स की तेजी से बढ़ती संख्या।
- एक दशक पहले भारत में यूनिकॉर्न्स की संख्या 10 से भी कम थी।
- आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है, जिसमें 100 से अधिक यूनिकॉर्न्स शामिल हैं।
- फिनटेक, एडटेक, हेल्थटेक और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में इन स्टार्टअप्स ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा जीता है।
नवाचार में वैश्विक पहचान
भारत की प्रगति ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भी साफ झलकती है। वर्ष 2015 में 80वें स्थान से बाहर रहने वाला भारत आज शीर्ष 40 देशों की सूची में शामिल है। यह उपलब्धि अनुसंधान में निवेश, इनक्यूबेशन सेंटर और नीतिगत सुधारों का नतीजा है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



