
Ranchi में जमीन घोटाले के खुलासे में ED की बड़ी कार्रवाई
रांची, 23 सितंबर 2025 झारखंड की राजधानी रांची में आदिवासी जमीनों के साथ छेड़छाड़ और फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध खरीद-बिक्री के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को जबरदस्त कार्रवाई शुरू कर दी है। ईडी की विशेष टीमों ने रांची के छह प्रमुख ठिकानों के साथ-साथ दिल्ली में तीन अन्य स्थानों पर छापेमारी की, कुल नौ जगहों पर दस्तावेजों की छानबीन और पूछताछ का दौर चल रहा है। यह कार्रवाई कांके प्रखंड के चामा मौजा में सामने आए बहुचर्चित जमीन घोटाले से जुड़ी है, जहां कथित तौर पर आदिवासी स्वामित्व वाली चोटानागपुर टेनेंसी एक्ट (सीएनटी) की जमीनों को फर्जी कागजात बनाकर ‘जनरल प्लॉट’ में तब्दील कर बेचा गया। सूत्रों के अनुसार, इस घोटाले से जुड़ी अवैध कमाई को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए वैध बनाने की साजिश भी उजागर हो रही है।

ईडी की कार्रवाई सुबह से शुरू हो गई, जिसमें रांची के कांके स्थित कांके रिसॉर्ट, रातू रोड पर सुखदेव नगर, कड़रू, बरियातू, अशोक नगर और अन्य इलाकों में टीमें सक्रिय रहीं। दिल्ली में भी तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई, जो जमीन कारोबारियों और बिल्डरों से जुड़े माने जा रहे हैं। छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों ने जमीन खरीद-बिक्री के दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति पंजीकरण फाइलें और डिजिटल डेटा जब्त किए। संबंधित व्यक्तियों से घंटों पूछताछ की जा रही है, और कई जगहों पर नकदी व कीमती सामान की तलाश भी जारी है। अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत चलाया जा रहा है, जिसमें फर्जी दस्तावेजों के सहारे करोड़ों रुपये की संपत्ति हस्तांतरित करने का मामला शामिल है।

घोटाले का पृष्ठभूमि: चामा मौजा में कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
यह मामला रांची के कांके प्रखंड अंतर्गत चामा मौजा की लगभग 20 एकड़ से अधिक सीएनटी और सरकारी जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि जमीन माफिया और स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से आदिवासी परिवारों की जमीनों पर फर्जी म्यूटेशन (नामांतरण) कराया गया। मूल रूप से संरक्षित आदिवासी भूमि को ‘जनरल प्लॉट’ घोषित कर बेच दिया गया, जिससे करोड़ों रुपये का अवैध लेन-देन हुआ। मुख्य आरोपी के रूप में कुख्यात जमीन माफिया कमलेश कुमार सिंह का नाम प्रमुखता से सामने आया है, जिन्हें जून 2024 में ईडी ने गिरफ्तार किया था। उस दौरान चांदनी चौक स्थित उनके फ्लैट पर छापे में 1 करोड़ रुपये नकद और 100 कारतूस जब्त किए गए थे। इसके अलावा, कांके रिसॉर्ट के मालिक बीके सिंह (जिन्हें बीकेएस के नाम से जाना जाता है) भी इस साजिश के केंद्रीय चरित्र बताए जा रहे हैं। बीकेएस पर आरोप है कि उन्होंने रिसॉर्ट के नाम पर विवादित जमीन हथियाई और बेची।
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