
9 माह बाद भी चना बीज घोटाले पर कार्रवाई अधर में, विभाग की चुप्पी से उठ रहे सवाल
23 सितंबर 2025 छत्तीसगढ़ में उजागर हुए चना बीज वितरण घोटाले को नौ महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक दोषी अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। विभागीय जांच की धीमी रफ्तार और फाइलों के महीनों तक दबी रहने से किसानों और आम जनता के बीच सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब दोषियों को सजा मिलेगी।

कैसे हुआ घोटाला?
नवंबर 2024 में गोबरा नवापारा तहसील के ग्राम भुरका-तोरला और टीला चंपारण में किसानों को चना बीज वितरण के नाम पर घोटाला किया गया। योजना के तहत 100 हेक्टेयर भूमि पर खेती को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने 100 किसानों को मुफ्त बीज देने की सूची बनाई थी।
लेकिन जांच रिपोर्ट में सामने आया कि कृषि विस्तार अधिकारियों ने सिर्फ 6 प्रतिशत जमीन पर ही बीज बांटे और बाकी बीज को बाजार में बेच दिया। इस तरह लगभग 12 लाख रुपए का गबन किया गया।
जांच और कार्रवाई की स्थिति
- दिसंबर 2024 में एसडीएम स्तर पर जांच शुरू हुई, लेकिन उसमें कई कमियां पाई गईं।
- मामला तूल पकड़ने के बाद जिला पंचायत की सामान्य सभा में उठाया गया।
- फाइल महीनों तक तहसील कार्यालय और फिर कृषि विभाग में दबाकर रखी गई।
- विभागीय जांच अभी भी “अंतिम चरण” में बताई जा रही है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एक आरोपी अधिकारी का बयान दर्ज कर लिया गया है और इस माह दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

किसानों का आक्रोश
किसानों का कहना है कि विभाग की लापरवाही ने उनका भरोसा तोड़ा है। जिस योजना से उन्हें लाभ मिलना था, वह कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की भेंट चढ़ गई। ग्रामीण अब विभाग से जल्द कार्रवाई और दोषियों को कठोर सजा देने की मांग कर रहे हैं।
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