
समाज के नुआखाई मिलन में CM विष्णुदेव साय का ऐलान – 5 जगहों पर डोम निर्माण के लिए 75 लाख रुपये
22 सितंबर 2025 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगदलपुर के वन विद्यालय परिसर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह और नवनिर्मित सामाजिक भवन “ओलेख” के उद्घाटन समारोह में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने धुरवा समाज के लिए 5 स्थानों पर डोम निर्माण के लिए कुल 75 लाख रुपये की घोषणा की, प्रत्येक डोम की लागत 15 लाख रुपये होगी।

साथ ही, समाज के 36 सरपंचों द्वारा प्रस्तुत ग्राम पंचायत विकास प्रस्तावों को स्वीकृति देने का आश्वासन भी दिया। यह आयोजन धुरवा समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने और जनजातीय विकास को गति देने का प्रतीक बना।
मुख्य घोषणाएं और विकास योजनाएं
75 लाख रुपये का ऐलान: CM साय ने धुरवा समाज के लिए 5 डोम (समुदायिक सभागार या सांस्कृतिक केंद्र) निर्माण को मंजूरी दी। यह राशि समाज के सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।
ग्राम पंचायत विकास: 36 सरपंचों के प्रस्तावों को तुरंत स्वीकृति का वादा, जो स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा।
जनजातीय विकास पर जोर: CM ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई “धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना” के तहत आदिवासी बहुल गांवों में कोई कमी नहीं रहेगी, जिसके लिए 80,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।ea3839 इसके अलावा, राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों के उत्थान के लिए “प्रधानमंत्री जनमन योजना” विशेष पिछड़ी जनजातियों को मुख्यधारा से जोड़ रही है।
माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुविधाएं: बस्तर और सरगुजा संभाग के लिए विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, CM ने “नियद नेल्लानार योजना” का जिक्र किया। इस योजना से माओवाद प्रभावित इलाकों में सड़कें, पुल, बिजली, पानी, आवास और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। पूर्व CM डॉ. रमन सिंह द्वारा गठित प्राधिकरणों की सराहना की।
नुआखाई मिलन और सांस्कृतिक महत्व
ओलेख भवन का उद्घाटन: CM ने प्रतीकात्मक गुड़ी में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा की और “ओलेख” सामाजिक भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह भवन समाज के सभाओं और सम्मेलनों के लिए उपयोगी होगा।
शहीद गुंडाधुर को नमन: धुरवा समाज के वीर नायक शहीद गुंडाधुर को श्रद्धांजलि देते हुए CM ने नुआखाई को जनजातीय परंपरा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अनाज या फल ग्रहण करने से पहले देवी-देवताओं को अर्पित करने की यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों तक बनी रहेगी।

अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति: छत्तीसगढ़ के निर्माता पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए, CM ने जनजातीय कार्य मंत्रालय के गठन का जिक्र किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष और अटल जन्मशताब्दी को “अटल निर्माण वर्ष” के रूप में मनाने की बात कही।
व्यापक नजरिया: जनजातीय विकास की दिशा
यह आयोजन छत्तीसगढ़ सरकार की जनजातीय समुदायों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों से न केवल बुनियादी सुविधाएं बढ़ रही हैं, बल्कि सांस्कृतिक संरक्षण भी हो रहा है। धरती आबा योजना और जनमन योजना जैसे कदम आदिवासी गांवों को मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं। हाल ही में बस्तर को पर्यटन और उद्योग हब बनाने के लिए 6.95 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जो रोजगार और विकास को नई गति देंगे।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



