
PM Modi का कांग्रेस पर हमला: North East को नजरअंदाज करने का आरोप, अरुणाचल में 5100 करोड़ के प्रोजेक्ट्स की सौगात
22 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा के दौरे के दौरान कांग्रेस पर नॉर्थईस्ट को नजरअंदाज करने का गंभीर आरोप लगाया। अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में 5100 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने नॉर्थईस्ट को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए “कांग्रेसी सोच” से देश को मुक्ति दिलाई। आइए, इस घटना को विस्तार से समझते हैं।

मुख्य बिंदु: पीएम मोदी के भाषण से
कांग्रेस पर निशाना: पीएम ने कहा कि कांग्रेस ने नॉर्थईस्ट, खासकर अरुणाचल प्रदेश को हमेशा उपेक्षित रखा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासन में नॉर्थईस्ट “छूट गया” था, और मंत्रियों का आना-जाना दो-चार महीने में एक बार ही होता था। इसके विपरीत, बीजेपी सरकार में 800 से ज्यादा बार केंद्रीय मंत्री नॉर्थईस्ट का दौरा कर चुके हैं।
नॉर्थईस्ट की प्राथमिकता: पीएम ने कहा कि 2014 के बाद नॉर्थईस्ट उनकी सरकार की प्राथमिकता बन गया। उन्होंने “नेशन फर्स्ट” की भावना पर जोर देते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा वोट या सीटें नहीं, बल्कि उन लोगों की सेवा है जिन्हें पहले कभी नहीं पूछा गया।
लास्ट माइल कनेक्टिविटी: पीएम ने अपनी सरकार की उपलब्धि के रूप में लास्ट माइल कनेक्टिविटी को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार दिल्ली से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करती है, और अधिकारियों को नॉर्थईस्ट में ज्यादा समय बिताने और रात रुकने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
अष्टलक्ष्मी का विजन: पीएम ने नॉर्थईस्ट के आठ राज्यों को “अष्टलक्ष्मी” करार देते हुए कहा कि उनकी सरकार इनके विकास के लिए ज्यादा से ज्यादा निवेश करेगी।
अरुणाचल में पीएम का एजेंडा

5100 करोड़ की परियोजनाएं: पीएम ने ईटानगर में 5100 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की नींव रखी। इनमें बुनियादी ढांचा, कनेक्टिविटी, और सामाजिक विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
तीन कारणों से दौरा: पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि वे तीन कारणों से अरुणाचल आए हैं:
- सुंदर पर्वतों के दर्शन: अरुणाचल की प्राकृतिक सुंदरता का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे अपनी प्रेरणा बताया।
- नेक्स्ट जनरेशन GST बचत उत्सव: इसकी शुरुआत को जनता के लिए “डबल खुशी” की बात बताया।
- विकास परियोजनाएं: अरुणाचल में कई विकास प्रोजेक्ट्स की नींव रखी गई।
त्रिपुरा दौरा और माता त्रिपुर मंदिर
मंदिर का महत्व: ईटानगर के बाद पीएम त्रिपुरा में माता त्रिपुर मंदिर जाएंगे। यह मंदिर 1501 में बना था और 51 शक्तिपीठों में से एक है। त्रिपुरा राज्य का नाम इसी मंदिर से पड़ा है। यह पूर्वी भारत का तीसरा प्रमुख शक्तिपीठ है।
री-डेवलपमेंट: हाल ही में 52 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मंदिर का पुनर्विकास किया गया है। नवरात्रि के पहले दिन इसका उद्घाटन होगा, जहां पीएम पूजा-अर्चना करेंगे।
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