
छत्तीसगढ़ E Challan Scam : बिलासपुर Travels कारोबारी की Bullet पर ओडिशा से फर्जी चालान, नाम Transfer पर खुलासा
यह खबर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर से जुड़ी एक हैरान करने वाली घटना बयान कर रही है, जहां एक ट्रैवल्स कारोबारी चंद्रशेखर सिंह राजपूत को अपनी बुलेट बाइक के नाम पर ओडिशा से ई-चालान मिला, जबकि उनकी गाड़ी कभी वहां गई ही नहीं। यह मामला ई-चालान सिस्टम में संभावित फर्जीवाड़े या तकनीकी खामी की ओर इशारा करता है, जो वाहन मालिकों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। आइए, इसकी पूरी डिटेल समझते हैं।

घटना का सारांश
कहानी का केंद्र: चंद्रशेखर सिंह राजपूत, बिलासपुर के एक ट्रैवल्स व्यवसायी, की बुलेट बाइक (रजिस्ट्रेशन नंबर: CG-10-AS-1735) पर 22 अगस्त 2021 की रात 9 बजे ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के सलंगाबहाल इलाके से सीट बेल्ट न लगाने का ई-चालान कटा। जुर्माना: 1,000 रुपये।
खुलासा कैसे हुआ: हाल ही में चंद्रशेखर ने बुलेट बेच दी और नाम ट्रांसफर के लिए परिवहन विभाग पहुंचे। वहां पता चला कि चालान पेंडिंग है। ऑनलाइन चेक करने पर सामने आया कि यह ओडिशा से जुड़ा है।
चौंकाने वाला तथ्य: चंद्रशेखर का दावा है कि उनकी बाइक कभी बिलासपुर से बाहर नहीं निकली, फिर ओडिशा में चालान कैसे? चालान में वाहन मालिक का नाम गलत दर्ज है, पिता का नाम गायब है, और मोबाइल नंबर भी नहीं भरा गया। यह मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 194 बी के तहत जारी किया गया, जो सीट बेल्ट न पहनने पर लागू होता है।
समस्या की जड़: फर्जी चालान का जाल?
यह पहला ऐसा मामला नहीं लगता। भारत में ई-चालान सिस्टम (परिवहन मंत्रालय का डिजिटल प्लेटफॉर्म) को 2016 से लागू किया गया है, जो कैमरों और ऐप्स के जरिए ट्रैफिक उल्लंघनों को रिकॉर्ड करता है। लेकिन कई बार गलत नंबर प्लेट पहचान, डेटा एंट्री एरर या फ्रॉड के कारण फर्जी चालान जारी हो जाते हैं।
परिवहन विभाग का रुख: बिलासपुर परिवहन और पुलिस का कहना है कि यह ओडिशा का मामला है, इसलिए वहां संपर्क करें। लेकिन दूरी और प्रक्रिया की जटिलता के चलते चंद्रशेखर फंस गए हैं।
ट्रांसफर अटका: पेंडिंग चालान के कारण गाड़ी का नाम ट्रांसफर नहीं हो पा रहा। मजबूरी में या तो जुर्माना भरना पड़ेगा या प्रक्रिया लटकी रहेगी।
क्या करें अगर आपको भी ऐसा चालान मिले?
ऐसे फर्जी चालानों से निपटने के लिए सरकारी प्रक्रिया सरल लेकिन थोड़ी लंबी है। यहां स्टेप-बाय-स्टेप गाइड:
चालान चेक करें: parivahan.gov.in या echallan.parivahan.gov.in पर वाहन नंबर डालकर वेरिफाई करें। फोटो, लोकेशन और डिटेल्स मैच करती हैं या नहीं, देखें।

ऑनलाइन अपील फाइल करें:
वेबसाइट पर “Contest Challan” ऑप्शन चुनें।
ईमेल, फोटो प्रूफ (जैसे GPS लोकेशन या गाड़ी की मूवमेंट हिस्ट्री) संलग्न करें।
अपील 60 दिनों के अंदर फाइल करें; वर्चुअल कोर्ट में सुनवाई होती है, जो 15-30 दिनों में डिसाइड हो जाती है।
हेल्पलाइन संपर्क: ओडिशा ट्रैफिक पुलिस (0674-2560xxx) या राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1033 पर कॉल करें। अगर फ्रॉड लगे, तो साइबर सेल में शिकायत दर्ज करें।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



