
Raipur में EOW की बड़ी कार्रवाई, अवधेश यादव और सहयोगियों के ठिकानों पर रेड पड़ी
रायपुर में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने आज एक बड़े कार्रवाई की शुरुआत करते हुए राजधानी रायपुर, बिलासपुर और अन्य 10 ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में ईओडब्ल्यू ने अवधेश यादव और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर रेड डाली, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, नगदी और टैकनीकी उपकरण जब्त किए गए। यह कार्रवाई अवधेश यादव के खिलाफ आर्थिक अपराधों के आरोपों की जांच के तहत की गई है।
कार्रवाई का विवरण
ईओडब्ल्यू की टीम ने सुबह से ही रायपुर, बिलासपुर और अन्य स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान अवधेश यादव के निजी ठिकानों के साथ-साथ उनके सहयोगियों के कार्यालयों और आवासों पर भी दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान जब्त की गई वस्तुओं में दस्तावेज, मोबाइल फोन, टैकनीकी उपकरण, नगदी और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई रायपुर में शराब कोटा घोटाले से जुड़े मामले की गहन जांच के तहत की जा रही है।
शराब कोटा घोटाले का मामला
रायपुर में शराब कोटा घोटाले का मामला पिछले कुछ समय से चर्चा में है। इस मामले में अवधेश यादव और उनके सहयोगियों पर आरोप है कि उन्होंने अवैध तरीके से शराब के परिवहन और कोटा आवंटन में गड़बड़ी की। यह घोटाला जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच शराब के हर टन पर 25 रुपये की अवैध वसूली गैंग के साथ मिलीभगत करके किया गया। इस अवधि के दौरान रायपुर, बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में शराब के परिवहन और कोटा आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गईं।
ईओडब्ल्यू ने इस मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि इस घोटाले से राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, इस घोटाले में लगभग 570 करोड़ रुपये की अवैध वसूली हुई है।
अवधेश यादव का इस्तेमाल
अवधेश यादव का नाम इस मामले में इसलिए उछला क्योंकि उनके नेतृत्व में शराब के परिवहन और कोटा आवंटन में अनियमितताएं पाई गईं। सूत्रों के अनुसार, अवधेश यादव ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर शराब के कोटे में हेराफेरी की और नकली हॉलोग्राम लगाकर जाली दस्तावेजों के जरिए शराब की तस्करी को अंजाम दिया। इस हॉलोग्राम को बनाने के लिए PHSE (Prism Holography Security Films Pvt Ltd) कंपनी के साथ सांठगांठ की गई थी। इस कंपनी ने जाली हॉलोग्राम बनाकर शराब की बोतलों पर चिपकाए, जिससे अवैध शराब की तस्करी आसानी से हो सकी।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



