
नवरात्रि 2025: त्योहारी Season में बाजारों की रौनक और आर्थिक प्रभाव
नवरात्रि 2025 का त्योहारी मौसम भारत के बाजारों में अभूतपूर्व रौनक लेकर आया है। शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक मनाई जा रही है, जो 2 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ समाप्त होगी।

इस बार गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) में बड़े सुधार और विशेष उपहार योजनाओं ने ग्राहकों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी की है। जीएसटी परिषद ने कर दरों को सरल करते हुए मुख्य रूप से 0%, 5% और 18% की दरें तय की हैं, जबकि विलासिता और हानिकारक वस्तुओं (जैसे तंबाकू, सिगरेट) पर 40% की उच्च दर लागू है। दैनिक उपयोग की वस्तुओं जैसे रोटी, परांठा, पनीर, खाखरा आदि पर जीएसटी को 0% या 5% तक घटाया गया है, और स्वास्थ्य व जीवन बीमा प्रीमियम को पूरी तरह छूट दी गई है। ई-कॉमर्स मंचों पर नकद छूट और ऑफर्स ने उपभोक्ताओं को आकर्षित किया है, जिससे ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीदारी में तेजी आई है।
व्यापारी ग्राहकों को लुभाने के लिए भारी छूट और आकर्षक ऑफर्स दे रहे हैं, जिससे खरीदारी का उत्साह चरम पर है। गुजरात के अहमदाबाद, वडोदरा और सूरत जैसे शहरों में चनिया चोली और पारंपरिक परिधानों के बाजारों में भीड़ उमड़ रही है, जहां 20-30% तक की छूट मिल रही है। खुदरा क्षेत्र में फैशन, घर सज्जा, ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट की मांग में 15-20% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले वर्षों से अधिक है। तेजी से बिकने वाली उपभोक्ता वस्तुओं और खुदरा क्षेत्र में सकारात्मक आय वृद्धि देखी जा रही है। शेयर बाजार में भी नवरात्रि का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जहां निवेशक उपभोक्ता वस्तुओं और सोने के क्षेत्र में उत्साह से निवेश कर रहे हैं।
इस उत्सव से खुदरा और फैशन उद्योग के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) और स्थानीय कारीगरों को भी आर्थिक मजबूती मिली है। ऑल इंडिया ट्रेडर्स महासंघ के अनुसार, नवरात्रि से जुड़े आयोजनों जैसे गरबा और रासलीला से देशभर में लगभग 50,000 करोड़ रुपये का व्यापार होने का अनुमान है। पीतल की दुर्गा मूर्तियों और पारंपरिक आभूषणों की बिक्री में 25% की वृद्धि हुई है। ई-कॉमर्स मंचों जैसे अमेजन और फ्लिपकार्ट पर त्योहारी बिक्री में 30% अधिक लेनदेन दर्ज किए गए हैं। डिजिटल मंचों ने नवरात्रि-लक्षित अभियान चलाकर उपभोक्ताओं को आकर्षक ऑफर्स और छूट प्रदान की, जिससे ऑनलाइन खरीदारी की गति और बढ़ी है।

इस बाजार उत्साह से रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है और आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं। त्योहारी सीजन से उपभोक्ता खर्च बढ़ने से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि को बढ़ावा मिला है, खासकर घरेलू मांग और रोजगार के क्षेत्र में। पर्यटन क्षेत्र में भी उछाल देखा गया है, जैसे कोलकाता में दुर्गा पूजा के लिए विदेशी पर्यटकों की संख्या 2023 की तुलना में 40% अधिक है।
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