
Chhattisgarh:शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट: ‘Big Boss’ व्हाट्सएप ग्रुप से खुलासे
देश में शराब कारोबार से जुड़े एक बड़े घोटाले ने राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में दाखिल की गई अपनी चार्जशीट में इस घोटाले के कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इस घोटाले में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध लेन-देन शामिल बताई जा रही है। चार्जशीट में चैतन्य बघेल के ‘बिग बॉस’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप के चैट्स का जिक्र है, जो इस साजिश का केंद्र बिंदु लगते हैं।

ईडी की चार्जशीट में प्रमुख आरोप
प्रवर्तन निदेशालय ने इस शराब घोटाले की जांच के दौरान एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें अवैध शराब व्यापार, मनी लॉन्ड्रिंग और सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। ईडी के अनुसार, यह घोटाला कई राज्यों में फैला हुआ है, जहां अवैध शराब की सप्लाई और वितरण के जरिए अरबों रुपये का काला धन कमाया गया। चार्जशीट में नामजद कई प्रमुख व्यक्तियों पर धन शोधन निषेध कानून (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि यह घोटाला न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य को भी खतरा पैदा कर रहा था, क्योंकि नकली शराब के कारोबार से कई मौतें हो चुकी हैं।

‘बिग बॉस’ व्हाट्सएप ग्रुप: साजिश का केंद्र
चार्जशीट का सबसे रोचक हिस्सा चैतन्य बघेल के व्हाट्सएप ग्रुप ‘बिग बॉस’ से जुड़ा है। ईडी ने खुलासा किया है कि इस ग्रुप में चैतन्य बघेल और अन्य सदस्यों के बीच घोटाले से संबंधित संवेदनशील चर्चाएं हुईं। ग्रुप में सौम्या, धेबर और पुष्पक जैसे कई व्यक्ति शामिल थे, जो कथित तौर पर अवैध लेन-देन को संचालित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। इन चैट्स में शराब की अवैध सप्लाई, सरकारी अनुमतियों की हेराफेरी और मुनाफे के बंटवारे जैसे मुद्दों पर बातचीत का जिक्र है। ईडी अधिकारियों के मुताबिक, ये मैसेज घोटाले की साजिश को साबित करने वाले मजबूत सबूत हैं।

1000 करोड़ से अधिक की अवैध लेन-देन
ईडी की जांच में सामने आया है कि इस घोटाले में कुल 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध ट्रांजेक्शन हुए हैं। ये पैसे विभिन्न बैंक खातों, नकद लेन-देन और संपत्तियों के जरिए सफेद किए गए। चार्जशीट के अनुसार, ‘बिग बॉस’ ग्रुप के सदस्यों ने शराब की नकली ब्रांडिंग, टैक्स चोरी और अंतरराज्यीय तस्करी के माध्यम से यह रकम जुटाई। जांच एजेंसी ने कई गिरफ्तारियां की हैं और आगे की पूछताछ जारी है। इस घोटाले से जुड़े नेटवर्क में राजनेता, अधिकारी और व्यापारी शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
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