
Maharashtra की नई वाहन नीति: राज्यपाल, CM और जजों के लिए कार खरीदने की कोई सीमा नहीं
महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में नई वाहन नीति लागू की गई है, जिसमें राज्यपाल, मुख्यमंत्री, हाईकोर्ट के जज और लोकायुक्त के लिए आधिकारिक उपयोग के लिए कार खरीदने पर कोई मूल्य सीमा नहीं रखी गई है।

प्रमुख बिंदु:
- मंत्रियों और उच्च अधिकारियों के लिए कार की कीमत पर सीमा तय की गई है। कैबिनेट मंत्री, मुख्य सचिव और सचिव 30 लाख रुपये तक की कार खरीद सकते हैं।
- महाधिवक्ता, महाराष्ट्र राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष, और कुछ अन्य अधिकारियों के लिए 25 लाख रुपये की सीमा है।
- जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक 15 लाख रुपये तक की कार खरीदने के पात्र हैं।
इलेक्ट्रिक वाहन को बढ़ावा
सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित कर रही है और प्रदूषण नियंत्रण के लिए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की सलाह दे रही है।

कांग्रेस की आलोचना
- महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस नीति की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे सरकारी धन की बर्बादी बताया है, जबकि राज्य पर 9 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है।
- उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण किसानों की फसलें नष्ट हुई हैं और सरकार उनकी मदद करने की बजाय विलासिता पर खर्च कर रही है।
- कांग्रेस ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री और उनके उप-मुख्यमंत्री पहले से ही करोड़ों रुपये की गाड़ियाँ इस्तेमाल कर रहे हैं, ऐसे में और खर्च करना उचित नहीं।
- यह नीति राज्य सरकार की विलासिता की आलोचना के बीच लागू हुई है, लेकिन सरकार का मानना है कि यह आवश्यक है ताकि अधिकारियों के कामकाज में सुविधा बनी रहे।
- यह नीति इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के साथ-साथ सरकारी खर्चों को नियंत्रित करने की कोशिश भी है, लेकिन राजनीतिक विवादों के बीच इसे लागू किया जा रहा है।
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