
Chhattisgarh शराब कोचिया की खतरनाक साजिश, जहरीली शराब से दो युवकों की हत्या
धमतरी, 17 सितंबर 2025 छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के ग्राम करही में शराब के नशे में दो युवकों की रहस्यमयी मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। शुरुआत में इसे साधारण शराब पीने से हुई दुर्घटना माना गया, लेकिन पुलिस की त्वरित और गहन जांच ने एक भयानक साजिश का पर्दाफाश कर दिया। शराब विक्रेता सुरेंद्र उर्फ भोला टंडन, जिसे स्थानीय लोग ‘शराब कोचिया’ के नाम से जानते हैं, ने अपने चचेरे भाई अनिल टंडन के साथ मिलकर जहरीली शराब तैयार की और दो मासूम युवकों को मौत के घाट उतार दिया। यह घटना न केवल अवैध शराब व्यापार की कड़वी सच्चाई उजागर करती है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में व्याप्त नशे की लत और आपराधिक प्रवृत्ति पर भी सवाल खड़े करती है।

घटना का पूरा विवरण: सुबह की सैर बनी अंतिम सफर
घटना 15 सितंबर 2025 की सुबह की है। धमतरी जिले के थाना बिर्रा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम करही के निवासी सूरज यादव (उम्र लगभग 25 वर्ष) और मनोज कश्यप (उम्र लगभग 22 वर्ष) दोनों ही गांव के परिचित चेहरे थे। दोनों नौजवान बेरोजगारी और नशे की लत के शिकार थे, जो अक्सर गांव के ही अवैध शराब विक्रेता भोला टंडन की दुकान पर शराब पीने आते थे। 15 सितंबर को सुबह करीब 7 बजे दोनों भोला की दुकान पर पहुंचे। उन्होंने भोला से अंग्रेजी शराब (जिप्सी ब्रांड) खरीदी और पास की एक छोटी चाय-पान की दुकान से चखना (स्नैक्स) लिया। वहीं खुले में ही बैठकर दोनों ने शराब का सेवन शुरू किया।
शराब पीने के महज कुछ मिनटों बाद ही दोनों की हालत बिगड़ने लगी। सांस लेने में तकलीफ, उल्टी और बेहोशी ने उन्हें घेर लिया। ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें नजदीकी राधा कृष्ण अस्पताल, सारंगढ़ ले जाया, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान दोपहर तक दोनों की मौत हो गई। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। सूरज के पिता रामलाल यादव ने बताया, “मेरा बेटा सुबह घर से ठीक था, बस दोस्त के साथ घूमने निकला था। हमें क्या पता था कि यह उसकी आखिरी सैर साबित होगी।” वहीं, मनोज की मां ने आंसू भरी आंखों से कहा, “ये बच्चे नशे के चंगुल में फंस गए थे, लेकिन हत्या की तो हमने कल्पना भी न की।”

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: मिस्टर्री से मर्डर तक
मौत की खबर मिलते ही थाना सारंगढ़ में मर्ग संख्या दर्ज कर ली गई और पंचनामा कार्यवाही पूरी की गई। लेकिन धमतरी पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय को मामला संदिग्ध लगा। उन्होंने तुरंत एक विशेष जांच टीम गठित की, जिसका नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप और सब-डिवीजनल पुलिस अधिकारी (SDOP) चाम्पा यदुमणि सिदार ने किया। थाना बिर्रा में अपराध क्रमांक 117/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया।
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