
IRCTC की पहल: पहले 15 मिनट में आधार लिंकिंग के बिना Ticket Booking नहीं
नई दिल्ली, 17 सितंबर 2025: भारतीय रेलवे ने यात्रियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुकिंग की प्रक्रिया में बदलाव किया है। 1 अक्टूबर 2025 से, आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से सामान्य आरक्षण टिकटों की बुकिंग के पहले 15 मिनट के दौरान आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य हो जाएगा। इसका उद्देश्य टिकट बुकिंग सिस्टम के दुरुपयोग को रोकना और वास्तविक यात्रियों को प्राथमिकता देना है। इस नियम से लाखों आम यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो अक्सर एजेंटों और टोटों के कारण टिकटों से वंचित रह जाते हैं।

नियम का विवरण और लागू होने की तिथि
प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह नियम सामान्य आरक्षण (जनरल रिजर्वेशन) टिकटों पर लागू होगा, जो रेलवे के आरक्षण चार्ट खुलने के ठीक पहले 15 मिनट के समयावधि के लिए वैध होगा।इसका मतलब है कि यदि कोई यात्री ट्रेन के आरक्षण की शुरुआत के पहले 15 मिनट में टिकट बुक करना चाहता है, तो उसका आईआरसीटीसी खाता आधार से प्रमाणित (ऑथेंटिकेटेड) होना आवश्यक होगा। बिना आधार लिंकिंग के इस दौरान कोई टिकट बुक नहीं किया जा सकेगा।
इसके अलावा, अधिकृत टिकटिंग एजेंटों पर पहले से लागू 10 मिनट का प्रतिबंध बरकरार रहेगा। यानी, एजेंट आरक्षण खुलने के पहले 10 मिनट तक कोई टिकट बुक नहीं कर सकेंगे।यह बदलाव केवल ऑनलाइन बुकिंग पर लागू है; रेलवे के काउंटरों (PRS काउंटर) पर टिकट बुकिंग की समयसीमा या प्रक्रिया में कोई परिवर्तन नहीं होगा। साथ ही, तत्काल (टैटकल) टिकट बुकिंग में पहले से ही आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य है, इसलिए वहां कोई नया बदलाव नहीं आ रहा।

दुरुपयोग रोकने का उद्देश्य: आंकड़े जो चिंता बढ़ाते हैं
भारतीय रेलवे का यह कदम टिकट ब्लैकमार्केटिंग और धोखाधड़ी को रोकने के लिए उठाया गया है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, ई-टिकटिंग अब कुल आरक्षित टिकट बुकिंग का 86.38% हिस्सा है, जो 2023-24 के 82.68% से 3.7% की वृद्धि दर्शाता है।ec6b2f लेकिन इसी के साथ दुरुपयोग के मामले भी बढ़े हैं। जनवरी से मई 2025 तक, टैटकल बुकिंग के पहले 5 मिनट में ही लगभग 2.9 लाख संदिग्ध PNR (पैसेंजर नेम रिकॉर्ड) जेनरेट हुए।
इसके अलावा, आईआरसीटीसी ने टिकट फ्रॉड रोकने के लिए 2025 में 2.5 करोड़ से अधिक यूजर आईडी को निष्क्रिय कर दिया है।रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि ये आईडी संदिग्ध गतिविधियों जैसे मल्टीपल अकाउंट्स से बुकिंग और टोटिंग के लिए इस्तेमाल हो रही थीं। नए नियम से उम्मीद है कि ये आंकड़े कम होंगे और आम यात्री, खासकर दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले, को आसानी से टिकट मिलेंगे।
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