
Bilaspur में धर्मांतरण को लेकर बढ़ता तनाव
बिलासपुर जिले में पिछले चार महीनों में धर्मांतरण के 32 से अधिक मामले सामने आए हैं, जिनसे क्षेत्र में सामाजिक तनाव बढ़ा है। रविवार को सीपत के माताचौरा चौक में एक ईसाई प्रार्थना सभा के दौरान विवाद हुआ, जहां स्थानीय लोगों ने धर्मांतरण के आरोप लगाए। इसके बाद हिंदू संगठनों ने विरोध जताया और पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।

सीपत विवाद और एफआईआर
ईसाई समुदाय द्वारा आयोजित प्रार्थना सभा में 300 से अधिक लोग शामिल थे। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि यह सभा धर्मांतरण का आयोजन है। हिंदू संगठनों के विरोध के बाद पुलिस ने जांच कर 7 ईसाई और 12 हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर काबू किया।
संगठनों की प्रतिक्रिया और पुलिस कार्रवाई
धर्मांतरण रोकने के लिए हिंदू जागरण मंच ने थाने के बाहर धरना दिया और हनुमान चालीसा का पाठ किया। संगठन ने चर्च से जुड़े लोगों पर बाहरी फंडिंग के जरिए धर्मांतरण कराने का आरोप लगाते हुए उनके बैंक खातों की जांच और जिला बदर की मांग की। प्रशासन को सतर्क रहने और कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई।
ईसाई समुदाय का पक्ष
विवाद के बढ़ने पर ईसाई समुदाय ने थाने का घेराव किया और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि संविधान उन्हें धर्म की आज़ादी देता है और वे लगातार हिंदू संगठनों द्वारा प्रताड़ित हो रहे हैं। उन्होंने झूठे मुकदमे न दर्ज करने की भी मांग की।

प्रशासन का रुख
पुलिस और प्रशासन ने कहा है कि धर्मांतरण के मामलों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और जबरन धर्मांतरण पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था बनी रहे।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



